फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

डीडीए खत्म करने की मांग को लेकर दिया धरना, नारेबाजी की

विज्ञापन
अल्मोड़ा के गांधी पार्क में धरना देते सर्वदलीय संघर्ष समिति के लोग। संवाद - फोटो : ALMORA
विज्ञापन
अल्मोड़ा। जिला विकास प्राधिकरण (डीडीए) को समाप्त करने के लिए सर्वदलीय संघर्ष समिति से जुड़े लोगों ने मंगलवार को नगर के चौघानपाटा स्थित गांधी पार्क में धरना दिया। उन्होंने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर विरोध जताया। नगर व्यापार मंडल ने समिति के आंदोलन को समर्थन दिया है।
विज्ञापन

धरना स्थल पर हुई सभा में समिति के संयोजक पालिकाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी ने कहा कि वर्ष 2017 में प्रदेश सरकार ने डीडीए को लागू किया था। तबसे सर्वदलीय संघर्ष समिति, स्थानीय जनता आंदोलन कर रही है लेकिन सरकार ने प्राधिकरण पर कोई स्पष्ट निर्णय नहीं लिया है।
उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत अपने बयानों में पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि प्राधिकरण भ्रष्टाचार के अड्डे बन चुके हैं और इससे पूर्व भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत ने स्वयं सार्वजनिक रूप से तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को ज्ञापन देकर प्राधिकरणों को समाप्त करने की मांग की थी।
विज्ञापन

इसके बावजूद सरकार ने प्राधिकरण को केवल स्थगित किया जो भाजपा सरकार की कथनी और करनी बताता है। पूर्व विधायक मनोज तिवारी ने कहा कि प्रदेश सरकार प्राधिकरण स्थगन की बात कर जनता को भ्रमित कर रही है।
प्राधिकरण के कारण जनता परेशान है। डीडीए को वापस लेकर भवन मानचित्र स्वीकृति संबंधित सभी अधिकार नगर पालिकाओं को मिलने चाहिए। समिति के प्रवक्ता राजीव कर्नाटक ने कहा कि भाजपा सरकार को जन समस्याओं से कोई सरोकार नहीं रह गया है।
पालिकाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी, पूर्व विधायक मनोज तिवारी, पीतांबर पांडे, प्रत्येश पांडेय, अमन नज्जौन, किशन लाल, राजीव कर्नाटक, दीपांशु पांडे, पूरन मेहरा आदि ने धरना दिया। इधर नगर व्यापार मंडल अध्यक्ष सुशील साह ने भी आंदोलन को समर्थन दिया।
पहाड़ की भौगोलिक परिस्थितियां अलग है। यहां प्राधिकरण की कोई जरूरत नहीं है। प्राधिकरण बनने से लोगों की दिक्कतें बढ़ी हैं। इसे जल्द समाप्त किया जाना चाहिए।
- सुशील साह, अध्यक्ष नगर व्यापार मंडल।
वर्ष 2017 में बना प्राधिकरण भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया है। इसकी आड़ में भ्रष्टाचार बढ़ा है। इससे आम लोग तमाम परेशानियों से जूझ रहे हैं। प्राधिकरण खत्म किया जाना चाहिए।
- एनडी पांडे, अल्मोड़ा।
सरकार मुख्यमंत्रियों को तो बदल रही है लेकिन प्राधिकरण पर स्पष्ट निर्णय नहीं लिया जा रहा है। प्राधिकरण को लेकर आम लोग परेशान है। प्राधिकरण के मानक पहाड़ की भौगोलिक स्थिति के अनुरूप ठीक नहीं हैं।
विज्ञापन

- पूरन सिंह मेहरा, अल्मोड़ा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें