बैंक में खाते आधार से लिंक न होने पर नहीं मिल रही मजदूरी
99810 मजदूर एक्टिव हैं अल्मोड़ा जिले में मनरेगा योजना के तहत
मौलेखाल(अल्मोड़ा)। मनरेगा योजना में डिजिटल लेनदेन मजदूरों पर भारी पड़ रहा है। जिले में 10 हजार से अधिक मजदूर ऐसे हैं, जिन्होंने मनरेगा योजना के तहत मजदूरी तो की लेकिन अब अपनी मेहनत की कमाई के लिए भटक रहे हैं। दूरस्थ क्षेत्र के कई बैंक सीबीएस प्रणाली से नहीं जुड़ने से मनरेगा मजदूरों के खाते आधार से लिंक नहीं हो सके हैं। ऐसे में इन मजदूरों के खातों में काम करने के बाद भी मजदूरी का भुगतान नहीं हो सका है।
मनरेगा योजना के तहत एक जनवरी से आधार प्रणाली के तहत मजदूरी के भुगतान का नियम लागू हुआ है। इस योजना के तहत मजदूरी कर रहे मजदूरों को भुगतान के लिए अपने खाते आधार से लिंक कराने जरूरी हैं। मजदूर अपने खाते को आधार से लिंक कराने बैंक तो पहुंच रहे हैं, लेकिन दूरस्थ क्षेत्रों के बैंक सीबीएस न होने से मजदूरों के खाते आधार से लिंक नहीं हो रहे हैं। जिले में मनरेगा योजना के तहत 99810 मजदूर एक्टिव हैं। इनमें से खाते आधार से लिंक न होने से 10 हजार से अधिक मजदूरों को सवा महीने बाद भी मजदूरी नहीं मिली है।
काम कराने के लिए प्रधानों को नहीं मिल रहे मजदूर
अल्मोड़ा। मनरेगा योजना के तहत गांवों में विकास कार्यों को अंजाम तक पहुंचाना प्रधान की जिम्मेदारी है। प्रधानों ने मजदूरों को काम पर लगाया, लेकिन उनके खाते आधार से लिंक न होने से उन्हें मजदूरी का भुगतान नहीं हो रहा। ऐसे में मजदूर योजना के तहत काम करने से हाथ पीछे खींच रहे हैं।
कोट- मनरेगा योजना के तहत आधार प्रणाली से मजदूरी के भुगतान का नियम है। कई बैंक अब भी सीबीएस नहीं हुए हैं और कई बैंक के पास खाते से आधार लिंक कराने के लिए जरूरी मशीनरी नहीं है, इससे मनरेगा मजदूरी के भुगतान में दिक्कत आ रही है। संबंधित बैंकों को जल्द व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए गए हैं।
केएन पंत, डीडीओ, अल्मोड़ा।
बोले प्रधान-
-मनरेगा मजदूर मजदूरी पाने के लिए बैंकों में भटक रहे हैं। खाते से आधार लिंक न होने से उन्हें मजदूरी नहीं मिल रही और काम करने से मना कर रहे हैं।-इंद्र सिंह, ग्राम प्रधान, खुमाड़।
-बैंकों में मजदूरों के खाते आधार से लिंक न होने दिक्कत आ रही है। काम करने के बाद भी उन्हें मजदूरी नहीं मिल पा रही है और काम पर आने से हाथ पीछे खींच रहे हैं।-माधो सिंह, ग्राम प्रधान, गुलार।
-मजदूरी का भुगतान न होने से मजदूर नहीं मिल रहे, इससे विकास कार्यों को धरातल पर उतारना चुनौती बन गया है। किसी तरह योजना के काम करवा रहे हैं।-बची राम, ग्राम प्रधान, गड़कोट तल्ला।
-क्षेत्र में जो बैंक संचालित हैं, उनमें मजदूरों के खाते हैं। यहां आधार से खाता लिंक न होने से समस्या पैदा हो गई है। मजदूरी न मिलने से मजदूर काम पर नहीं आ रहे हैं।-आनंद सिंह, ग्राम प्रधान, नैकणा।