वन विभाग रहा दावानल की घटना से अंजान, पूरी रात सो नहीं सके ग्रामीण
अल्मोड़ा जिले में पहले बारिश और अब जंगल की आग ने लोगों की नींद उड़ा दी है। जंगलों की सुरक्षा करने वाला वन विभाग दावानल की घटनाओं से अंजान है और लोग इसे बुझाते हुए अपनी जान गंवाने के लिए मजबूर हैं। सोमेश्वर रेंज के खाईकट्टा में भी जंगल में लगी आग ने ग्रामीणों की नींद उड़ाई। बृहस्पतिवार को जंगल में आग लग गई, लेकिन वन विभाग घटना से अंजान रहा। शुक्रवार सुबह तीन बजे तक ग्रामीण आग बुझाने में जुटे रहे। जब विभाग को इस घटना में एक युवक के जलने से मौत की सूचना मिली तो वन कर्मी मौके पर पहुंचे। यदि समय रहते वन विभाग जंगल में आग लगने की घटना का संज्ञान लेकर इस पर काबू पाने के लिए गंभीरता दिखाता तो शायद युवक को अपनी जान न गंवानी पड़ती। अब वन विभाग वन पंचायत के जंगल में आग लगने का हवाला देकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहा है।
एक दशक में पहली बार पांच लोगों की जंगल की आग में जलने से हुई मौत
अल्मोड़ा में बीते एक दशक में इस बार जंगल की आग ने अपना रौद्र रूप दिखाया, इस पर काबू पाने में सरकारी तंत्र पूरी तरह फेल साबित हुआ है। खुद वन विभाग के आंकड़े इसका प्रमाण हैं। इस फायर सीजन जिले में 149 घटनाओं में 275 हेक्टेयर से अधिक जंगल जलकर खाक हो गया। बीते एक दशक में जंगल की आग की चपेट में आने से किसी की मौत नहीं हुई। इस बार फायर सीजन में अब तक दो महिलाओं सहित पांच लोगों को जंगल की आग में जलने से अपनी जान गंवानी पड़ी है।
मुकदमा होगा दर्ज
खाईकट्टा में जंगल की आग में जलने से युवक की मौत के मामले में वन विभाग केस दर्ज कराएगा। अधिकारियों के मुताबिक जंगल में आग लगाने वालों के खिलाफ केस दर्ज होगा। हैरानी है कि पूर्व में भी वन विभाग ने चार श्रमिकों की मौत के बाद अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कराया था, लेकिन अब तक इस घटना के दोषी का पता नहीं चल सका है।
कोट- जंगल की आग में जलने से युवक की मौत हुई है। आग लगाने वालों के खिलाफ केस दर्ज होगा। पीड़ित परिवार को जल्द ही मुआवजा दिया जाएगा।
-दीपक सिंह, डीएफओ, वन प्रभाग, अल्मोड़ा।