अल्मोड़ा। जागेश्वर धाम में दर्शन करने पहुंचे कोलकाता के एक श्रद्धालु की मौत हो गई। श्रद्धालु मंदिर गेट के पास गश खाकर गिर पड़ा। आननफानन में उन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पनुवानौला ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रथम दृष्टया हृदय गति रुकना मौत की वजह मानी जा रही है।
कोलकाता से पांच सदस्यीय दल बुधवार को विश्व प्रसिद्ध जागेश्वर धाम में दर्शन करने पहुंचा। दोपहर में मंदिर के गेट के पास पहुंचने पर दल में शामिल कुमार दास (52) अचानक गश खाकर गिर गए। सूचना मिलते ही पुजारी और अन्य लोग मौके पर पहुंच गए। काना गांव के प्रधान महेंद्र लाल और वन कर्मी पूजा ने उन्हें पनुवानौला स्थित पीएचसी पहुंचाया। अस्पताल में चिकित्सक ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अस्पताल के डाॅ. अलमाज ने बताया कि प्रथम दृष्टतया मौत का कारण हृदय गति रुकना हो सकता है। परिजन शव को अपने साथ ले गए हैं। संवाद
जागेश्वर में नहीं है अस्पताल, 16 किमी लगानी पड़ती है दौड़
अल्मोड़ा। विश्व प्रसिद्ध जागेश्वर धाम में सैकड़ों श्रद्धालु दर्शनों को आते हैं लेकिन यहां स्वास्थ्य सुविधाएं बदहाल हैं। दर्शन के दौरान स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें आने पर श्रद्धालुओं को समय पर उपचार नहीं मिल पाता है। जिससे दिक्कतें होती है। सीएचसी धौलादेवी जागेश्वर से 16 किमी दूर है। यहां से धौलादेवी पहुंचने में काफी समय लगता है। जबकि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सात किमी दूर पनुवानौला में है। श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें आने पर इतनी दूरी तय करने में कई बार गंभीर रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं। जागेश्वर में आयुर्वेदिक अस्पताल है लेकिन यहां संसाधनों का टोटा बना है। संवाद
जिले में नहीं है हृदय रोगियों के उपचार की सुविधा
अल्मोड़ा। जिले के सरकारी अस्पतालों में हृदय रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं होने से मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जिले के सरकारी अस्पतालों में एक भी हृदय रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं हो सकी है। जिले के हृदय रोगियों को इलाज के लिए मैदानी क्षेत्रों के निजी अस्पतालों की दौड़ लगानी पड़ रही है। जिससे उनका समय और धन बर्बाद हो रहा है। संवाद