अल्मोड़ा। कोरोना महामारी ने इस बार जिले के बाड़ेछीना कस्बे की मशहूर श्री कृष्ण जन्माष्टमी की रंगत को फीकी कर दी है। बाड़ेछीना के 21 साल के इतिहास में बाड़ेछीना में पहली बार भगवान श्री कृष्ण झांकी नहीं निकलेगी। इससे भगवान कृष्ण के भक्तों में भारी निराशा है।
श्री रामलीला कमेटी बाड़ेछीना की ओर से हर साल श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर्व पर भव्य श्री कृष्ण झांकी निकलती थी। झांकी में बच्चे श्रीकृष्ण, राधा, सखा, सहेली बनते थे। 15 दिन पहले से इसकी तैयारी शुरू हो जाती थी। मंदिरों में रंगरोगन कर आकर्षक ढंग से सजाया जाता था। क्षेत्र के बच्चे, बूढ़े कान्हा के जन्मोत्सव की तैयारियों में दिन-रात जुटे रहते थे। बाजार में झांकी दो किमी की परिक्रमा पूरी करती थी लेकिन इस बार ऐसा न होने से भगवान श्रीकृष्ण के भक्तों में निराशा है। कमेटी की रविवार को हुई बैठक में सर्वसम्मति से तय हुआ कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए इस बार श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर बाड़ेछीना में झांकी नहीं निकलेगी। श्री राम मंदिर बाड़ेछीना में सिर्फ भंजन संध्या होगी। कार्यक्रम में चुनिंदा लोगों को ही बुलाया जाएगा। बैठक में कमेटी के व्यवस्थापक बसंत तिलारा, हिमांशु वर्मा, सचिव खीलानंद भट्ट, रामलीला के निर्देशक हेम तिवारी, अमित कुमार, गोपाल जीना, सौरभ मेहरा, दीपक बिष्ट, मनोज पिल्ख्वाल, गोविंद सिंह बिष्ट आदि थे।
श्रीकृष्ण, राधा, सखा, सहेली न बनने से बच्चों में मायूसी
अल्मोड़ा। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर हर साल बाड़ेछीना कस्बे में निकलने वाली श्रीकृष्ण झांकी में क्षेत्र के बच्चे श्रीकृष्ण, राधा, उनके सखा-सहेली का वेश धारण करते थे। जो झांकी का मुख्य आकर्षण होता था। इस बार झांकी न निकलने से बच्चों में मायूसी है। बच्चे इस बार भी जन्माष्टमी की तैयारी में लगे थे लेकिन कोरोना के चलते झांकी रद्द होने से बच्चों में भारी निराशा है। शील ग्राम पंचायत की निशिता बिष्ट झांकी में हर साल कृष्ण, चिराला गांव की योगिता नेगी राधा बनती थीं। राधा कृष्ण के वेश में इनकी जोड़ी शानदार लगती थीं। दिव्या बिष्ट, दीपिका रानी, कविता, खुशी जोशी, अनामिका बिष्ट कृष्ण, राधा की सखा सहेली बनती थीं। बच्चों ने इस बार भी पूरी तैयारी की लेकिन कोरोना के चलते उनकी उम्मीद पर पानी फिर गया है। बच्चों ने बताया कि वह जन्माष्टमी पर घर में ही कान्हा, राधा बनेेंगे।