चौखुटिया सीएचसी में जांच के दौरान स्वास्थ्य निदेशक डॉ. तारा आर्या। संवाद न्यूज एजेंसी
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चौखुटिया (अल्मोड़ा)। सीएचसी में दर्द से तड़प रही गर्भवती महिला की डिलीवरी न कराए जाने और रेफर करने के मामले को स्वास्थ्य विभाग ने गंभीरता से लिया है। बुधवार को चार सदस्यीय जांच टीम के साथ पहुंची मंडलीय स्वास्थ्य निदेशक डॉ. तारा आर्या ने संबंधित डॉक्टर, महिला और फार्मासिस्ट के बयान लिए। उन्होंने इसे गोपनीय जांच बताते हुए कुछ भी बताने से इनकार कर दिया।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तीन जुलाई को दर्द से तड़प रही चमोली जिला अंतर्गत गैरसैंण के ग्राम पंचायत कोलानी के खोलीधार निवासी कुसुम देवी की डिलीवरी नहीं कराए जाने वाले मामले को शासन के साथ ही स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों ने भी गंभीरता से लिया है।
बुधवार को पहुंची स्वास्थ्य विभाग की चार सदस्यीय जांच टीम ने संबंधित चिकित्सकों और अन्य पक्ष के बयान लिए। जांच टीम में निदेशक के अलावा एसीएमओ डॉ. दीपांकर डैनियल, डॉ. केके पांडे, डॉ. संतोष पार्की आदि थे। वहां पर सीएचसी के प्रभारी डॉ. अमित रतन आदि मौजूद रहे।
चालक भी हुए परेशान
सीएचसी की अव्यवस्थाओं से नैनीताल और अल्मोड़ा से पहुंचे अधिकारियों के वाहन चालकों का सामना भी हुआ। चालक मरीजों के बैठने वाले मुख्य द्वार की लॉबी में बैठे थे लेकिन वहां पर लगा पंखा बंद था। परेशान रहने के बाद कुछ कर्मियों ने उन्हें पर्ची वाले कक्ष में बैठाया तब जाकर दोनों का राहत मिली। एक चालक शौचालय जाने लगे लेकिन वो बंद था। संवाद
फार्मासिस्ट को किया सम्मानित
चौखुटिया (अल्मोड़ा)। 108 एंबुलेंस की फार्मासिस्ट सरिता खंपा को अल्मोड़ा से पहुंची पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष शोभा जोशी ने
शॉल और मोमेंटो देकर सम्मानित किया। जोशी ने कहा कि गंभीर हालत में सीएचसी से रेफर गर्भवती का सुरक्षित प्रसव कराने वाली सरिता ने प्रशंसनीय कार्य किया है। उन्होंने शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. विजय पांडे को भी सम्मानित कर शिशु की जीवन रक्षा में उनकी भूमिका की भी सराहना की। संवाद