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जेल से रंगदारी मामले में प्रभारी जेल अधीक्षक सहित चार सस्पेंड

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अल्मोड़ा/देहरादून। जिला जेल से रंगदारी मांगे जाने के मामले में आईजी जेल पुष्पक ज्योति ने प्रभारी जेल अधीक्षक संजीव ह्यांकी, प्रधान बंदी रक्षक शंकर राम आर्या, बंदी रक्षक प्रदीप मालिला और बंदी रक्षक राहुल राय को निलंबित कर दिया है। वहीं, एसटीएफ ने कलीम गैंग के एक और गुर्गे की पहचान कर ली है। आईजी जेल पुष्पक ज्योति ने बताया कि मामले में विभागीय जांच भी कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश की अन्य जेलों में भी सर्च ऑपरेशन चलाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही जेल अधीक्षकों को चेतावनी दी गई है कि भविष्य में अगर उनकी जेलों में इस तरह की गतिविधियों का पता चलता है तो उन पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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वहीं, एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि टीम ने शूटरों के पास से तीन तमंचे, छह कारतूस और 15 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। कलीम गैंग के नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया गया है। गैंग के एक और गुर्गे की पहचान हुई है। इसका नाम अतुल वर्मा है, जो कि जोहड़ी बाजार गली अल्मोड़ा का रहने वाला है। यह कलीम गैंग को फंड मुहैया कराता था। इसके अलावा पप्पू उर्फ लंगड़ा और सज्याज उर्फ चमन मामा बहादराबाद की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। पप्पू उर्फ लंगड़ा ने ही बिहार से शूटर हरिद्वार भेजे थे।
सोमवार शाम एसटीएफ और अल्मोड़ा जिला पुलिस ने जेल में छापा मारकर जेल में बंद कैदी से मोबाइल फोन, सिम और नकदी बरामद की थी। जेल में बंद कैदी ने फोन के जरिये रंगदारी मांगी थी। रंगदारी मामले में पुलिस ने जेल में तैनात एक चालक को गिरफ्तार भी किया था। साथ ही तीन मोबाइल फोन, चार सिम कार्ड, डेढ़ लाख रुपये की नगदी और चरस भी बरामद की थी। पूरे मामले की रिपोर्ट एसटीएफ और जिला पुलिस ने पुलिस मुख्यालय को भेजी थी। आरोप है कि कलीम एक व्यापारी की हत्या कराने की फिराक में था। इसके लिए वह जेल से ही व्हाट्सएप के जरिये अपने साथी बदमाशों को संदेश भेज रहा था। जेल में कार्रवाई के दौरान मिले सुरागों की मदद से एसटीएफ ने बिहार से आए दो शूटरों समेत चार बदमाशों को गिरफ्तार किया था।
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ललित को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा
अल्मोड़ा। जेल से रंगदारी के मामले में पुलिस ने रंगदारी की रकम को खाते में मंगाने वाले चालक ललित भट्ट को मंगलवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया है। रंगदारी की रकम संभालने वाले महिपाल और हत्यारोपी कलीम की तलवी के लिए कोर्ट ने सात अक्तूबर का समय दिया है। एसएसपी पंकज भट्ट ने बताया कि इसके बाद पुलिस दोनों को रिमांड पर लेकर पीसीआर के लिए कोर्ट में आवेदन करेगी। मामले की विवेचना अल्मोड़ा कोतवाल अरुण कुमार को सौंपी गई है। संवाद
अल्मोड़ा पुलिस की अहम भूमिका
अल्मोड़ा। जेल से रंगदारी मांगे जाने का खुलासा करने में अल्मोड़ा जिला पुलिस की अहम भूमिका रही। दरअसल पूरे मामले में अल्मोड़ा पुलिस के पास भी कुछ महत्वपूर्ण इनुपट थे, जिसके आधार पर छापे के दौरान कलीम की बैरक से मोबाइल फोन और नगदी बरामद करने में आसानी हुई। माना जा रहा था कि इतनी बड़ी बैरक में ढेर सारे सामान के साथ चीजें बरामद करना आसान नहीं था। और सामान बरामद नहीं होने पर पूरे खेल का पर्दाफाश नहीं होता। इसके लिए एसएसपी पंकज भट्ट जेल के कुछ कर्मचारियों के साथ बाहरी लोगों पर भी नजर बनाए थे। एसओजी और स्थानीय अभिसूचना इकाई को उन्होंने काफी पहले से सचेत किया था।
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