अल्मोड़ा/जैंती। देश की आजादी में अहम भूमिका निभाने वाले सालम के महान क्रांतिकारियों के जीवन पर सालम क्रांति फिल्म की शूटिंग शुरू हो गई है। शनिवार को सालम क्रांति के शहीद नर सिंह धानक के पैतृक गांव चौकुना से फिल्म शूटिंग का आगाज हुआ।
जागेश्वर के समाजसेवी गौरव पांडे ने शूटिंग का शुभारंभ किया। फिल्म के निर्देशक मुकेश कुमार ने कहा कि सालम के क्रांतिवीरों की वीर गाथा के रुपहले पर्दे पर आने से आनी वाली पीढ़ी स्वयं पर गर्व करेगी। फिल्म के डायरेक्टर ऑफ फोटोग्राफी सुहैल सैफी हैं।
शहीद नर सिंह का किरदार निभा रहे महेंद्र
अल्मोड़ा। फिल्म में शहीद नर सिंह धानक का किरदार गांव के ही महेंद्र सिंह धानक कर रहे हैं। शहीद टीका सिंह कन्याल का रोल नरेंद्र डोलिया निभा रहे हैं। वहीं, मानव रावत हर गोविंद पंत की भूमिका में हैं।
इतिहास ने बिसराया तो युवाओं ने अतीत का पन्ना बनाया
जैंती (अल्मोड़ा)। सालम के वीरों की वीर गाथा को भले ही इतिहास उतना स्थान न मिला हो लेकिन युवाओं की पहल से इसे भावी पीढ़ी आगे जान पाएगी। सालम क्रांति पर बन रही फिल्म से गांव में खुशी की लहर है।
25 अगस्त 1942 का दिन सालम के लोगों के लिए अहम है। इस दिन अंग्रेजों से लोहा लेते हुए चौकुना गांव निवासी नर सिंह धानक और कांडे निवासी टीका सिंह कन्याल शहीद हो गए थे। ब्रितानी हुकूमत ने आजादी के नायक प्रताप सिंह बोरा, मर्चू राम, डिकर सिंह धानक, उत्तम सिंह बिष्ट, राम सिंह आजाद, केशर सिंह आदि क्रांतिकारियों को जेलों में ठूंस दिया था। क्रांतिकारियों के गांव चौकुना, कांडे, थामथोली, मझाऊं, सैनोली, दाड़िमी, बरम, नौगांव आदि में महिलाओं, बच्चों को अनेक यातनाएं दी गई। 25 अगस्त 1942 को सालम के कई गांवों के क्रांतिकारी जैंती पहुंचे। जैंती के धामद्यो में आंदोलनकारियों और ब्रिटिश सेना के बीच झड़प हो गई। अंग्रेजों ने क्रांतिकारी नर सिंह धानक पर कई राउंड फायर कर दिया। जिससे वह मौके पर ही शहीद हो गए है जबकि दूसरे क्रांतिकारी टीका सिंह कन्याल ने अस्पताल में दम तोड़ दिया।