अल्मोड़ा जिले में वनाग्नि ने जमकर कहर बरपाया। बिनसर अभयारण्य में जंगल की आग की चपेट में आने से छह वन कर्मियों की मौत हो गई थी जबकि दो अब भी दिल्ली एम्स में जीवन और मौत से संघर्ष कर रहे हैं। घटना के बाद मृतक के परिजनों और घायलों को वर्ल्ड वाइड फंड, वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट और आपदा मद से राहत राशि मिली। सरकार ने भी मृतकों के परिजनों के जख्मों पर मरहम लगाने के लिए 10-10 लाख मुआवजा देेने की घोषणा की थी जिसका अब तक इंतजार है।
इस साल फायर सीजन में वनाग्नि की चपेट में आने से सबसे अधिक 11 लोग काल के गाल में समाए। मई महीने में सोमेश्वर में जंगल की आग में जलने से चार नेपाली श्रमिकों के साथ एक स्थानीय युवक की मौत हो गई। बीते 13 जुलाई को बिनसर अभयारण्य में जंगल की आग में चार वन कर्मी जिंदा जल गए जबकि दो की दिल्ली एम्स में उपचार के दौरान मौत हो गई। दो वन कर्मियों का अब भी उपचार चल रहा है। घटना के बाद मृतक के परिजनों को आपदा मद से चार, वर्ल्ड वाइड फंड से तीन, वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट की तरफ से एक लाख रुपये सहायता राशि दी गई। वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट ने घायलों का साथ देते हुए उन्हें 25,000 रुपये सहायता राशि दी जबकि वन विभाग और आपदा प्रबंधन विभाग उनका निशुल्क उपचार कराने की बात कर रहा है।
दोनों घायलों की हालत स्थिर
शासन को मृतकों के परिजनों से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई गई है। 10 लाख रुपये मुआवजा देने संबंधी कोई भी दिशा-निर्देश फिलहाल प्राप्त नहीं हुए हैं। जो दिशा-निर्देश मिलेंगे उसके अनुरूप कार्यवाही होगी।
-विनीत तोमर, डीएम, अल्मोड़ा।
इनकी हुई थी मौत
त्रिलोक सिंह मेहता, करन आर्या, दीवान राम, पूरन सिंह, कृष्ण कुमार, कुंदन नेगी।
इनका चल रहा है उपचार
भगवत सिंह, कैलाश भट्ट।