अल्मोड़ा में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा गर्भवती महिला की दी जा रही महालक्ष्मी किट।
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अल्मोड़ा। सरकार ने गर्भवती महिला और नवजात शिशु की स्वच्छता और पोषण के लिए महालक्ष्मी योजना के तहत महालक्ष्मी किट देने की व्यवस्था शुरू की है। अल्मोड़ा के हवालबाग में एक महालक्ष्मी किट आधी-अधूरी मिलने और उसमें दिया गया बादाम एक्स्पायरी डेट का मिलने का मामला सामने आया है।
हवालबाग ब्लॉक के कनार्टकखोला कपीना निवासी पवन जोशी के घर में 21 नवंबर 2021 को पहली संतान के रूप में बेटी ने जन्म लिया। बेटी के जन्म के बाद पवन ने भी महालक्ष्मी किट के लिए अपने क्षेत्र के आंगनबाड़ी केंद्र में आय प्रमाणपत्र आदि देकर सभी औपचारिकताएं पूरी की। इसके बाद पवन अपनी पत्नी और नवजात बिटिया के लिए महालक्ष्मी किट का इंतजार करता रहा। छह माह बाद 27 अप्रैल को आंगनबाड़ी कर्मचारी ने पवन की पत्नी को महालक्ष्मी किट सौंपी। पवन ने जब घर पहुंचकर किट खोली तो उसमें न नवजात बिटिया के लिए पूरा सामान था और न ही उसकी मां के लिए। मां के पोषण के लिए किट में रखा बादाम का पैकेट भी एक्सापायरी डेट का मिला। पवन ने इस बात की शिकायत आंगनबाड़ी में की तो उन्होंने सिर्फ किट बदलने की बात कही। किट कैसे अधूरा मिला इसकी जानकारी नहीं दी।
जांच में भी नहीं दिखे खराब बादाम
अल्मोड़ा। महालक्ष्मी किट में खाद्य सामग्री भी होती है। जिसके लिए जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास ने निर्देश दिए हैं कि किट को खोलकर जांच के बाद गर्भवती या धात्री महिला को दिया जाए। निर्देशानुसार किट को खोला गया लेकिन उसमें रखा एक्सपायरी डेट का बादाम किसी को नहीं दिखा। हां किट में से सामान जरूर कम हो गया। किट में मौजूद सामान की लिस्ट भी किट में होती है लेकिन किट से सामान की लिस्ट भी गायब थी।
गर्भवती महिलाओं को दी जाने वाली महालक्ष्मी किट में खाद्य सामग्री भी होती है। मैंने निर्देश दिए थे कि किट को जांचने के बाद गर्भवती या धात्री को दिया जाए लेकिन इसके बाद बाद भी किट में सामान कम है और खाद्य पदार्थ एक्सपायरी डेट के हैं तो यह गंभीर लापरवाही है। इसकी जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
- पीतांबर प्रसाद, जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास, अल्मोड़ा।
महालक्ष्मी किट में मिला आधा अधूरा सामान।- फोटो : ALMORA