अल्मोड़ा। सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय ने शोधकार्य जमा करने की तिथि को बढ़ा दिया गया है। प्रीपीएचडी कोर्स वर्क उत्तीर्ण अभ्यर्थियों के लिए शोधपत्र जमा करने की तिथि अब 30 दिसंबर है। इसके लिए अभ्यर्थियों को कोई विलंब शुल्क नहीं देना होगा। परीक्षा नियंत्रक सुशील कुमार जोशी ने बताया कि अभ्यर्थी 30 दिसंबर तक शोध कार्य जमा करें। कोई दिक्कत होने पर अभ्यर्थी विवि प्रबंधन से संपर्क कर सकते हैं।
सोबन सिंह जीना विवि के कई बोर्ड गठित
अल्मोड़ा। सोबन सिंह जीना विवि की बोर्ड ऑफ स्टडीज, फैकल्टी बोर्ड एवं कार्य परिषद का गठन हो चुका है। इसके लिए भी कार्य परिषद की बैठक आयोजित की जाएगी। विवि के प्रशासनिक भवन के लिए 29 करोड़ की राशि स्वीकृत हो चुकी है। प्रशासनिक भवन बनाने के लिए भूमि का चयन कर लिया गया है। जल्द ही प्रशासनिक भवन बनाने के लिए निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
कुलपति प्रो. नरेंद्र भंडारी ने बताया कि राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय बागेश्वर एवं पिथौरागढ़ परिसरों को विश्वविद्यालय के अधीन लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। जल्द ही यह परिसर रूप में विश्वविद्यालय के अधीन कार्य करेंगे। यहां के संरचनात्मक, शैक्षणिक विकास आदि के लिए भी गंभीरता से प्रयास हो रहे हैं। विश्वविद्यालय विश्वविद्यालय में नवीन पाठ्यक्रमों के संचालन के लिए प्रयासरत हैं। परंपरागत ज्ञान के संवर्धन के लिए भी निरंतर कार्य हो रहा है।
हरेला पीठ के लिए पांच लाख रुपये स्वीकृत
अल्मोड़ा। सोबन सिंह जीना विवि के कुलपति प्रो. नरेंद्र भंडारी ने यूसर्क की गतिविधियों के संचालन के लिए विवि में स्थापित हरेला पीठ को पांच लाख रुपये स्वीकृत किए हैं। विश्वविद्यालय में स्थापित हरेला पीठ पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन, परंपरागत जल स्रोत नौलों के पुनरोद्धार, उत्तराखंड के त्योहारों, उत्सवों के संरक्षण के लिए कार्य कर रहा है।
हरेला पीठ पहाड़ के परंपरागत वनस्पतियों के संवर्द्धन, औषधीय वनस्पतियों की नर्सरी बनाने, कृषि विकास के लिए कौशल विकास प्रशिक्षण दिलाने, टिशू कल्चर में व्यावसायिक प्रशिक्षण दिलाने, पहाड़ के त्योहारों के दस्तावेजीकरण, जनजागरूकता संबंधी कार्यक्रम संचालित कर वैज्ञानिक सोच बढ़ाने के लिए कार्य करेगा।