अल्मोड़ा। डीएम वंदना ने शनिवार को लमगड़ा ब्लॉक के अति दुर्गम गांव दो घोड़िया पहुंचकर सड़क, पानी, बिजली और शिक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। डीएम विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ सात किलोमीटर पैदल चलकर गांव पहुंची। वर्षों से सड़क का इंतजार कर रहे ग्रामीणों में अब गांव में सड़क आने की आस जगी है। पहली बार किसी डीएम के गांव में पहुंचने पर ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं को उनके समक्ष रखा।
डीएम ने गांव के युवा प्रधान जगमोहन शर्मा से समस्याओं के बारे में पूछा। स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की ओर से किए जा रहे कार्यों की जानकारी भी ली। लोनिवि के अधिकारियों ने डीएम को बताया कि 2015 से गांव में सड़क निर्माण के लिए वन भूमि के प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं। वन अधिनियम के तहत विभिन्न आपत्तियों के कारण प्रस्ताव स्वीकार नहीं हुए। डीएम ने लोनिवि को गांव में सड़क निर्माण के लिए फिर से वन भूमि की आपत्तियों का निराकरण कर शासन को प्रस्ताव भेजने के निर्देेश दिए। वह स्वयं भी वन विभाग के नोडल और शासन से इस संबंध में पत्राचार करेंगी। डीएम ने बीडीओ को भी मेरा गांव, मेरी सड़क योजना के तहत दो किमी सड़क निर्माण का प्रस्ताव बनाने के निर्देेश दिए। लमगड़ा से दो घोड़िया गांव तक ग्रामीणों ने श्रमदान से बनाई गई एक किमी सड़क के मध्य में एक पुलिया बनाए जाने की भी मांग उठाई। डीएम ने कहा जिला पंचायत के माध्यम से जल्द ही पुलिया का निर्माण कराया जाएगा।
प्राथमिक स्कूल में चलेगा गांव का आंगनबाड़ी केंद्र
अल्मोड़ा। दो घोड़िया गांव में छात्र संख्या शून्य होने से गांव का प्राथमिक विद्यालय भी बंद पड़ा है। इसके साथ ही गांव का आंगनबाड़ी केंद्र भी किराए के भवन में संचालित हो रहा है। डीएम ने मौके पर उपस्थित सीईओ को सोमवार से ही आंगनबाड़ी केंद्र को प्राथमिक विद्यालय में संचालित कराने के निर्देश दिए।
गांव की पेयजल समस्या का भी होगा समाधान
अल्मोड़ा। ग्रामीणों ने डीएम को गांव की लीकेज पेयजल लाइनों और जर्जर हालत में पहुंच चुके पेयजल टैंक के बारे में भी बताया। डीएम ने एक सप्ताह के भीतर लीकेज पाइन लाइनों के साथ जर्जर पेयजल टैंक की मरम्मत करने के निर्देश जल संस्थान के अधिकारियों को दिए। जलजीवन मिशन के तहत गांव में प्रस्तावित नई पेयजल लाइन के निर्माण के लिए मई माह तक टेंडर प्रक्रिया पूरी करने के लिए भी डीएम ने कहा।
वन्य जीवों से सुरक्षा, सिंचाई सुविधा भी मिलेगी
अल्मोड़ा। दो घोड़िया गांव में आलू की फसल काफी मात्रा में होती है लेकिन सुअर फसल को बर्बाद कर जाते हैं। साथ ही फसल के लिए सिंचाई सुविधा का भी अभाव है। डीएम ने बीडीओ को गांव में सुअर रोधी दीवार बनाने के लिए मनरेगा के तहत कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। फसलों की सिचाई व्यवस्था के लिए डीएम ने गांव में जल संग्रहण टैंकों का निर्माण करने और मसानखाल में छोटी झील का निर्माण कर ड्रिप इरिगेशन को बढ़ाए जाने के निर्देश सिंचाई, कृषि और उद्यान विभाग के अधिकारियों को दिए।
गांव की बिजली व्यवस्था में भी होगा सुधार
अल्मोड़ा। दो घोड़िया गांव में झूलते बिजली के तारों की भी समस्या डीएम के संज्ञान में आई। डीएम ने बिजली विभाग के अधिकारियों को झूलते बिजली के तारों को ठीक करने के साथ ही जर्जर हो चुके छह बिजली के खंभों को भी तत्काल बदलने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने गांव में शीघ्र पंचायत घर का निर्माण करने के निर्देश भी बीडीओ को दिए।
पढ़ाई में कमजोर बच्चों को चिह्नित करें: डीएम
अल्मोड़ा। डीएम वंदना ने राजकीय प्राथमिक विद्यालय पलना पहुंचकर वहां चल रहे रूपांतरण कार्यक्रम के तहत कराए जा रहे कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने शिक्षकों को कोरोना काल में पढ़ाई के दौरान कमजोर हो चुके बच्चों को चिह्नित कर मिशन कोशिश के तहत उनके लिए अतिरिक्त कक्षाएं संचालित करने के निर्देश दिए।
इस दौरान स्कूल की प्रधानाचार्य ने डीएम को स्कूल में कक्षा चार में पढ़ने वाली एक बालिका के नेत्र रोग की जानकारी दी। डीएम ने बालिका का नेत्र परीक्षण कर उसका इलाज कराने के निर्देश दिए। डीएम ने ग्राम सिलखोड़ा स्थित जसुली सौक्याणी में पर्यटन सुविधाओं को बढ़ाने के लिए पर्यटन, ग्रामीण निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये। ग्राम सिलखोड़ा में सात दिन के भीतर पेयजल समस्या समाधान के लिए टैंक निर्माण बनाने को आगणन भेजने के लिए भी डीएम ने कहा। डीएम ने पौधार पौधार जूनियर हाईस्कूल में छात्रों की संख्या को देखते हुए अतिरिक्त कक्षों का निर्माण करने के भी निर्देश अधिकारियों को दिए। सीएचसी लमगड़ा का निरीक्षण कर डीएम ने कहा कि यहां ऑनलाइन पर्ची व्यवस्था शुरू करें। मरीजों की जांच स्थानीय पैथोलॉजी लैब में कराई जाए। स्थानीय लोगों ने डीएम को बताया कि तहसील में कार्मिक समय पर नहीं पहुंचते हैं। जिस पर डीएम ने तहसीलदार को निर्देश दिए कि वह खुद दस बजे दफ्तर पहुंचकर सभी कार्मिकों की उपस्थिति दर्ज कराएं और गैर हाजिर रहने वाले कार्मिकों का वेतन रोकने की कार्रवाई करें।
दो घोड़िया गांव का अधिकारियों के साथ पैदल भ्रमण करती डीएम।- फोटो : ALMORA