रानीखेत। पन्याली में तुन के भारी भरकम पेड़ को तेजाब डालकर सुखाने का मामला प्रकाश में आया है। मजेदार बात यह है कि तुन का यह पेड़ पटवारी चौकी और वन चौकी के बीच सड़क किनारे है, लेकिन किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी। क्षेत्र के पूर्व विधायक करन माहरा ने कहा कि तुन के पेड़ को तेजाब से सुखाने का मामला दुर्भाग्यपूर्ण है। जिस प्रभावशाली व्यक्ति का नाम इस मामले में उछल रहा है, वह ऊंची राजनीतिक रसूख रखता है, इसी कारण उसे बचाने के प्रयास हो रहे हैं। यदि मामले की निष्पक्ष जांच नहीं होती तो वह धरना-प्रदर्शन करेंगे।
पन्याली में सड़क के एक ओर पटवारी चौकी और दूसरी ओर वन चौकी है। इन्हीं चौकियों के बीच विशालकाय पुराना तुन का पेड़ है। आसपास आबादी क्षेत्र है। इस पेड़ को छिलकर तेजाब से सुखाने के प्रयास हुए, लेकिन किसी को भी इसकी भनक नहीं लगी। स्थानीय लोगों ने इस मामले को सार्वजनिक किया, तब प्रशासन के आंखें खुली। उप राजस्व निरीक्षक नरेंद्र सती का कहना है कि उनके पास दो चौकियों का चार्ज है। किसी ने भी रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई है। फिर भी इस मसले की जांच की जाएगी। वन रक्षक जीएस भंडारी ने कहा कि मौके पर जाकर मामले को देखा गया है। पेड़ की जड़ से ठीक ऊपर छाल को गोलाई में छीला गया है। पेड़ नाप भूमि में है, जमीन किसकी है, नक्शे के माध्यम से राजस्व पुलिस से जांच करने को कहा गया है। तुन को संरक्षित प्रजाति में गिना जाता है। जल संचय के लिए भी तुन के पेड़ को मुफीद माना जाता है।