नगर के आसपास तलारबाड़ी, पहल, माल, खत्याड़ी, सेनार, लोधिया सहित 25 से अधिक गांवों के लिए दो साल पूर्व 38.15 करोड़ रुपये से भगतोला, कसारदेवी, सिनतोला औश्र खत्याड़ी पेयजल योजनाओं का निर्माण शुरू हुआ था। अब भी इन योजनाओं का सिर्फ 50 प्रतिशत कार्य पूरा हो सका है। ऐसे में जल संकट से जूझते इन क्षेत्रों के लोग पानी के लिए अब भी प्राकृतिक जल स्रोतों पर निर्भर हैं। गर्मी बढ़ने के साथ ही लोगों की दिक्कत भी बढ़ने लगी है। हालात यही रहे तो लोगों को इस गर्मी भी जल संकट से छुटकारा नहीं मिलेगा। संवाद
खत्याड़ी योजना को बमुश्किल मिली वन विभाग की स्वीकृति
अल्मोड़ा। नगर के आसपास की सबसे अधिक आबादी की प्यास बुझाने वाली खत्याड़ी पेयजल योजना वन विभाग की स्वीकृति के फेर में लटक गई। डोलीडाना में योजना का 1700 किलो लीटर का टैंक बनना था, इसे लंबे समय तक वन विभाग की स्वीकृति नहीं मिल सकी। किसी तरह स्वीकृति मिलने के बाद योजना का निर्माण कार्य तो शुरू हुआ है, लेकिन इसे पूरी तरह से धरातल पर उतरने के लिए और इंतजार करना होगा।
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योजनाएं लागत (करोड़ में)
खत्याड़ी 26.82
कसारदेवी 4.62
भगतोला 4.29
सिनतोला 2.42
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वन विभाग की स्वीकृति के चलते इन पेयजल योजनाओं का निर्माण कार्य धीमा पड़ गया था। स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। जल्द इन योजनाओं को धरातल पर उतारा जाएगा।
-दीपक जोशी, जेई, जल निगम, अल्मोड़ा। I