उत्तराखंड के जंगलों में अचानक इतनी आग कैसे लगी? इस सवाल का जवाब धीरे-धीरे मिलने लगा है। सोमवार को जानबूझकर जंगल में आग लगाने के मामले में 46 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई। साथ ही तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
इनमें दो व्यक्तियों को दूसरे प्रांत का बताया जा रहा है। इससे शक की सुई वन माफिया की तरफ घूमने लगी है। हालांकि अपर मुख्य सचिव एस. रामास्वामी ने बताया कि आरोपियों का विस्तृत ब्यौरा लिया जा रहा है। जंगलों में आग का सिलसिला शुरू होने के बाद यह चर्चा रही कि आग मानव जनित है।
इस पर कार्रवाई शुरू हुई तो शरारती तत्व पकड़ में आने लगे हैं। अपर मुख्य सचिव ने बताया कि जंगलों में जानबूझकर आग लगाते हुए पाए जाने पर कुल 46 मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें 1 मामले में एफ आईआर और 45 मामलों में इंडियन फॉरेस्ट एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। जानबूझकर आग लगाने वालों के खिलाफ फॉरेस्ट एक्ट की धाराओं में 3 से 7 साल की सजा का प्रावधान है।
इसके अलावा तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें दो व्यक्ति नैनीताल और एक पिथौरागढ़ से गिरफ्तार किया गया है। नैनीताल में पकड़े गए व्यक्ति पड़ोसी प्रांत के रहने वाले हैं। इनके संबंध में छानबीन की जा रही है। दूसरे प्रांतों के लोगों के पकड़े जाने पर शक की सुई वन माफिया की तरफ घूमने लगी है।
वन माफिया आग की आड़ लेकर जंगलों में अवैध रूप से पेड़ों को काट लेते हैं। अपर मुख्य सचिव ने बताया कि आग से निपटने के बाद विस्तृत जांच कराई जाएगी। वन विभाग का जो अधिकारी, कर्मचारी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ जरूर कार्रवाई होगी।
जंगल में आग लगाते हिमाचल के दो मजदूर गिरफ्तार
जंगल की आग
- फोटो : अमर उजाला
भीमताल/धानाचूली(नैनीताल)। एक तरफ जहां शासन-प्रशासन जंगलों में लगी आग बुझाने में जूझ रहा है वहीं कुछ लोग उनकी इस कोशिश पर पानी फेर रहे हैं।
धारी के एसडीएम राकेश चंद्र तिवारी ने बताया कि सोमवार दोपहर नाग चंद्र (26) पुत्र हलकू राम और नारायण सिंह (30) दोनों निवासी ग्राम गैलू पोस्ट बौचिंक तहसील पडार जिला मंडी (हिमाचल प्रदेश) को वन पंचायत कौल के जंगल में आग लगाते हुए पकड़ लिया। दोनों यहां लीसा ठेकेदार के पास मजदूरी करते हैं।
राजस्व पुलिस ने दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।वहीं, सरना क्षेत्र के सरपंच मुकेश चंद्र के अलावा नौलाखान और ग्वालकोट की महिलाओं का कहना है कि पकड़े गए दोनों युवकों ने रविवार देर रात तक उनके साथ गांव के जंगल में लगी आग को बुझाने में सहयोग किया है। ऐसे में वह कैसे जंगल में आग लगा सकते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि राजस्व पुलिस ने दोनों युवकों को बेवजह जंगल में आग लगाने के आरोप में गिरफ्तार किया है।
बता दें कि रविवार को मुनस्यारी में जंगल में आग लगाते भी एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया था। इससे पूर्व बागेश्वर में भी दो महिलाओं को आग लगाते पड़ा गया। इनमें से एक को चेतावनी देकर तो दूसरे 25 हजार के निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया था।
हालांकि जिस महिला पर जुर्माना लगाया गया था उस गांव के लोगों ने निर्दोष बताते हुए उस पर लगाया गया जुर्माना माफ करने की मांग की थी। वहीं, पिछले दिनों नैनीताल में भी कूडे़ में आग लगाने पर एक सफाई कर्मी पर जुर्माना ठोका गया था।