कोलकाता से घुमाने के बहाने लाई गई 10 नाबालिग लड़कियों को एक महिला मीरगंज के गांव में अपने गैंग के लोगों को बेच गई।
पुलिस ने रविवार को इस रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए चुरई दलपतपुर में 30-30 हजार रुपये में बेची गई दो नाबालिग बहनों को बरामद कर लिया।
एक महिला समेत तीन लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उनकी निशानदेही पर बाकी छात्राओं की तलाश की जा रही है।
रविवार को दिन में तीन बजे थाना मीरगंज के हल्दी खुर्द गांव के पास खेतों की सिंचाई कर रहे किसानों ने 13 वर्ष की एक लड़की को बदहवास हालत में भटकते देखा।
मोटरसाइकिल पर सवार तीन लोग भी उसके पीछे आ रहे थे। किसान लड़की की ओर बढ़े तो बाइक सवार तीनों लोग वापस भाग निकले।
लड़की ने गांव वालों को बताया कि वह ग्राम नीमतला, थाना भुर्ज, कोलकाता की रहने वाली है। कोलकाता की सुमन नाम की एक महिला की मदद से चुरई दलपतपुर गांव के कुछ लोग उसे, उसकी 10 वर्षीया छोटी बहन समेत 10 नाबालिग लड़कियों को घुमाने के बहाने से स्कूल से यहां ले आए।
लड़की ने बताया कि उसे और उसकी बहन को 30-30 हजार रुपये में गांव के कल्लू पुत्र सोहन लाल को बेचा गया। अन्य लड़कियों को भी बेचने की योजना है।
लड़की के मुताबिक वह किसी तरह कल्लू की निगाह बचाकर निकल आई और भटकती हुई हल्दी खुर्द के जंगल में पहुंच गई। पुलिस ने पीड़िता की निशानदेही पर हल्दी खुर्द गांव के जहांगीर की पत्नी रेशमा को पकड़ लिया।
पीड़िता की छोटी बहन को भी कल्लू के घर से बरामद कर लिया। पुलिस ने जहांगीर और कल्लू को भी गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के मुताबिक जहांगीर पकड़े जाने के डर से ही पीड़िता की छोटी बहन को कल्लू के घर छोड़ आया था। सूचना पर एसपी क्राइम डॉ. सुरेंद्र प्रताप सिंह ने टीम के साथ मीरगंज पहुंच मामले की जानकारी ली।
-मीरगंज में मानव तस्करी का मामला पता चला है। कोलकता के स्कूल से कुछ छात्राओं को बहला फुसलाकर लाया गया था। उनमें से दो बहनों को बरामद कर लिया गया है। बाकी लड़कियों की बरामदगी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
- अतुल शर्मा, एसपी देहात