दंगे के बाद हो रही कार्रवाई पर मुजफ्फरनगर में देहात क्षेत्र की महिलाओं का गुस्सा भड़क गया। फर्जी नामजदगी और एकपक्षीय कार्रवाई का आरोप लगाते हुए महिलाओं ने अखिलेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
विरोध में उतरीं फुगाना और कुटबा गांव की महिलाओं ने ऐलान किया कि निर्दोष लोगों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस गांव में घुसने की हिमाकत न करे, नहीं तो वह ईंट का जवाब पत्थर से देने को तैयार हैं।
दंगे के दंश से जूझ रही प्रदेश सरकार पर बुधवार को महिलाओं ने हल्ला बोल दिया। गठवाला खाप के फुगाना गांव स्थित प्राइमरी पाठशाला में एकत्र हुई महिलाओं ने ऐलान किया कि पुलिस को कोई गिरफ्तारी नहीं करने दी जाएगी।
कवाल की घटना से लेकर अब तक एकपक्षीय कार्रवाई चल रही है। सरकार अगर निष्पक्ष कार्य नहीं कर सकती तो मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को इस्तीफा दे देना चाहिए। पुलिस को गांव में नहीं घुसने दिया जाएगा।
महिलाओं ने आरोप लगाया गया कि क्षेत्र में दबिश के दौरान पुलिस महिलाओं के साथ अशोभनीय व्यवहार कर रही है।
उधर, शाहपुर के कुटबा गांव की चौपाल पर हुई पंचायत में महिलाओं ने सपा सरकार पर गुस्सा उतारा। महिलाओं ने ऐलान किया पुलिस गिरफ्तारी के लिए गांव में घुसी तो हर स्तर पर विरोध किया जाएगा।
महिला पंचायतों में पास हुए प्रस्ताव :
खाप चौधरियों की गिरफ्तारी नहीं होने दी जाएगी।निर्दोष बेटों से पहले महिलाएं खुद जेल जाएंगी।पुलिस की दबिशों का खुलकर विरोध किया जाएगा।एकपक्षीय कार्रवाई बंद नहीं हुई तो महापंचायत होगी।दंगे की सीबीआई से जांच कराई जानी चाहिए।यूपी में राष्ट्रपति शासन की मांग केंद्र से की जाएगी।