उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में फुगाना गांव में आयोजित 35 बिरादरियों की पंचायत में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि फुगाना और लोई के मुस्लिम समुदाय के किसी भी व्यक्ति को पुलिस की मौजूदगी के बिना गांव में नहीं घुसने दिया जाएगा।
यह भी निर्णय लिया गया कि दंगे के फर्जी आरोपी को गिरफ्तार नहीं होने देंगे।
गांव फुगाना में ग्राम प्रधान थाम सिंह के आवास पर शुक्रवार को गांव की 35 बिरादरी की पंचायत का आयोजन हुआ। पंचायत में गांव के मुस्लिम समुदाय के लोगों द्वारा हत्या, आगजनी व बलात्कार के मामलों में फर्जी नामजदगी कराने का मुद्दा छाया रहा।
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घंटों चली पंचायत में ग्राम प्रधान थाम सिंह ने कहा कि उनके गांव के मुस्लिम समुदाय के लोग फर्जी नामजदगी कराकर सरकार से पुनर्वास योजना में पांच-पांच लाख रुपये हड़प रहे हैं।
जो लोग पुनर्वास मुआवजा ले चुके हैं वे गांव में आकर अशांति फैला रहे हैं। पंचायत में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि फुगाना व लोई के मुस्लिम समुदाय के किसी भी व्यक्ति को गांव में नहीं घुसने दिया जाएगा।
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यदि कोई व्यक्ति गांव में आता है तो वह पुलिस को साथ लेकर ही गांव में आएगा। अपना सामान भी पुलिस की गैर मौजूदगी में नहीं ले जा सकेगा। ग्रामीणों ने दंगे की जांच टीम पर नाराजगी जताते हुए कहा कि यह जांच किसी दूसरी एजेंसी से करवाई जाए।
जांच कमेटी सही जांच नहीं कर रही है, जो नामजदगी ग्रामीणों द्वारा करवाई गई है यह उन्हें ही सही मान रही है। पंचायत में यह भी निर्णय लिया गया कि फर्जी नामजदगी में किसी भी ग्रामीण की गिरफ्तार नहीं होने दी जाएगी।
गिरफ्तार करने आई पुलिस का मुंह तोड़ जवाब दिया जाएगा। पंचायत में पूर्व प्रधान हरपाल सिंह, सुनील, जयपाल सिंह, चौधरी हरवीर सिंह, वेदपाल सिंह सहित सभी बिरादरियों के सैकड़ों लोग उपस्थित रहे। पंचायत की अध्यक्षता ग्राम प्रधान थाम सिंह ने की।