भड़काऊ भाषण मामले में भले ही बीजेपी नेता अमित शाह को चुनाव आयोग से थोड़ी राहत मिली हो। उन पर चुनाव प्रचार को लेकर लगाई गई पाबंदी चुनाव आयोग ने हटा ली हो। लेकिन उत्तर प्रदेश पुलिस एक और मामले में उनके खिलाफ सबूत तलाश रही है।
ये मामला बिजनौर से जुड़ा है। जहां 4 अप्रैल को अमित शाह एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे। इसी दौरान उन्होंने बीएसपी की मुखिया मायावती को लेकर कुछ ऐसी बयानबाजी की जिसको लेकर पुलिस प्रशासन जांच में जुट गया।
इस मामले में पुलिस ने बीजेपी विधायक कुंवर भारतेंदु समेत चार बीजेपी नेताओं के बयान दर्ज कराए। साथ ही पुलिस ने मामले में दो और नेताओं को नोटिस जारी किए हैं।
मायावती के खिलाफ बयानबाजी का मामला
बताया जा रहा है कि 4 अप्रैल को बीजेपी के प्रदेश प्रभारी अमित शाह बिजनौर आए थे। यहां उन्होंने एक दलित सम्मेलन में शिरकत की। जिसमें उनपर बीएसपी अध्यक्ष मायावती को लेकर कई गंभीर टिप्पणियां करने के आरोप लगे।
अमित शाह ने कार्यक्रम के दौरान मायावती के टिकट बंटवारे पर सवाल खड़े किए। उन्होंने मायावती पर एक वर्ग विशेष के उम्मीदवारों को टिकट देने का आरोप लगाया था। अमित शाह ने कहा कि मायावती ने एक वर्ग विशेष का वोट हासिल करने के लिए इस वर्ग को 19 टिकट दिए हैं।
इसके साथ ही बीजेपी नेता ने कहा कि अगर आप एक मत होकर बीजेपी को वोट देते हैं तो नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनते ही दूसरे दिन मुलायम सिंह की सरकार अपने आप गिर जाएगी।
4 भाजपाइयों के बयान दर्ज, दो को भेजा नोटिस
मामले में एसडीएम सदर आशुतोष अग्निहोत्री की ओर से अमित शाह और आयोजकों के खिलाफ शहर कोतवाली में आईपीसी की धारा 153 ए और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 125 के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
इस मामले को लेकर बेगावाला चौकी प्रभारी सतीश शर्मा ने बीजेपी के सदर विधायक और बिजनौर लोकसभा सीट से पार्टी के प्रत्याशी कुंवर भारतेंदु, पूर्व विधायक ओमप्रकाश, नगर पालिका सभासद हरजिंदर कौर, कान्हा फार्म के मालिक पूर्व चेयरमैन नवनीत गर्ग से अलग-अलग बयान दर्ज कराए।
साथ ही बीजेपी के पूर्व जिलाध्यक्ष तेजपाल वर्मा और उदयपाल को तीन दिन के अंदर बयान देने के लिए नोटिस भी जारी किया गया है। कुल मिलाकर पुलिस इस केस में पूरी तरह से सबूत जुटाने में लगी है। जिससे अमित शाह और कार्यक्रम के आयोजकों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।