केन्द्रीय मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री शशि थरूर को ईमेल कर कैट में हुई गड़बड़ी की पोल खोलने वाले शख्स की तलाश चल रही है। इसी शख्स ने सबसे पहले एक बेनाम ईमेल मंत्री को भेजकर इस पूरे मामले की पोल खोली है।
कोझिकोड पुलिस कमिश्नर जी. र्स्पजन कुमार कहते हैं कि मंत्री को भेजे गए ईमेल के बाद ही कॉमन एडमिशन टेस्ट (कैट) का आयोजन करवाने वाले आईआईएम कोझिकोड ने जब जांच की तो 80 अभ्यर्थियों के परसेन्टाइल बढ़े हुए थे।
उन्होंने बताया कि इतने बड़े मामले का मंत्री को ईमेल भेजकर भण्डाफोड़ करने वाले शख्स की हमें तलाश है। संभवत: यह कोई स्टूडेण्ट हो सकता है जिससे रकम लेने के बाद भी परसेन्टाइल नहीं बढ़ाया गया हो।
कुमार के अनुसार यह भी हो सकता है कि लाखों की धन उगाही करने वाले धंधेबाजों में आपस में कोई टकराव हुआ हो और उसके बाद यह ईमेल कर दी गई हो।
उन्होंने कहा अभी हमारे पास उस शख्स का सिर्फ ईमेल आईडी ही है बाकी वह कौन है और कहां रहता है यह कुछ नहीं मालूम। अब साइबर क्राइम के एक्सपर्ट इस ईमेल के माध्यम से उस शख्स का पता लगाने में जुटे हैं।