प्रदेश में बाढ़ से अब तक 63 मौतें हो चुकी हैं और कई स्थानों पर बाढ़ का खतरा बना हुआ है। बहराइच, गोरखपुर, सिद्धार्थनगर और गोंडा में नदियों का जलस्तर खतरे के निशान के ऊपर है। राहत आयुक्त ने बताया है कि राहत और बचाव को लेकर सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
रिकॉर्ड तोड़ रही बारिश
प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में सोमवार को भी बरसात जारी रही। करीब डेढ़ दर्जन स्थानों पर 25 मिमी से अधिक बरसात हुई। इलाहाबाद में 161 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। राहत आयुक्त ने बताया कि 63 मौतें बाढ़ में दीवाल गिरने, नदी में डूबने या आकाशीय बिजली गिरने की वजह से हुई हैं। मौसम विभाग ने पूर्वी उत्तर प्रदेश के एक या दो स्थानों पर तथा पश्चिमी यूपी के कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ वर्षा की संभावना जताई है।
हालांकि अगले 48 घंटों में पूर्वी यूपी के कुछ स्थानों पर भारी बरसात की चेतावनी दी गई है। शारदा नदी पलियाकला में, घाघरा नदी तुर्तीपार (बलिया), बूढ़ी राप्ती ककरही (सिद्धार्थनगर), कुआनों चन्द्रदीप घाट (गोंडा) व मुखलिसपुर (सिद्धार्थनगर) में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।
पांच लोगों के लिए काल बनी बारिश
अवध के जिलों में सोमवार को भी बरसात से तबाही का कहर जारी रहा। फैजाबाद में दीवारें गिरने से दो लोगों की मौत हो गई। सीतापुर में टांड़ गिरने से सास-बहू की जान चली गई। सुल्तानपुर में पशुशाला ढहने से एक व्यक्ति ने दम तोड़ा। वहीं लगातार बरसात से तमसा और बिसुही के कछार में बसे दर्जनों गांव पानी से घिर गए हैं।