मिर्जापुर जिले के चुनार थाना क्षेत्र के नागरपुर सादीबाघ का मूल निवासी धर्मेंद्र कुमार परिवार के साथ वाराणसी के डिगिया इलाके में रहता है। ठेले पर सब्जी बेचने वाले धर्मेंद्र ने पुलिस को बताया कि उसकी बेटी सोनम (19) रोजाना की तरह सुबह 8 बजे गोपाल बाग कॉलोनी निवासी प्रदीप केशरी के यहां साफ-सफाई का काम करने गई थी। इसके बाद वह वापस नहीं आई।
युवती की हत्या की सूचना पर पहुंची पुलिस
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सोनम का हाथ और मुंह दुपट्टे से कस कर बांधा गया था। इस संबंध में डीसीपी काशी जोन आरएस गौतम ने बताया कि आरोपी युवक हिरासत में है और उससे पूछताछ की जा रही है। युवती का शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया गया है। पूछताछ की प्रक्रिया पूरी कर युवक को अदालत में पेश किया जाएगा।
धर्मेंद्र कुमार का परिवार पांच साल से ज्यादा समय से डिगिया मुहल्ले में किराये पर रहता है। धर्मेंद्र के बेटे सत्यम ने बताया कि उसकी बहन तीन भाई और एक बहन में दूसरे नंबर की थी। सत्यम ने कहा कि घर की आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी नहीं है। इस वजह से मां सुनीता के साथ बहन सोनम घर के खर्च में हाथ बटाने के लिए दूसरों के यहां काम करती थी।
उसकी कभी कोई शिकायत घर पर नहीं आई थी और वह सभी का ध्यान रखती थी। वहीं, सुनीता की हालत बेसुधों जैसी थी। सुनीता का कहना था कि पॉवरलूम संचालक और उसका परिवार भी कसूरवार है। पॉवरलूम संचालक के यहां रिजवान ने उनकी बेटी को मार डाला और उन लोगों ने पुलिस को सूचना तक नहीं दी। सुनीता को बड़ी ही मुश्किल से मुहल्ले की महिलाएं संभाले हुए थीं।