अवैध खनन पर नियंत्रण के लिए शासन ने लंबे समय से सोनभद्र, मिर्जापुर और चंदौली के खनिज विभाग में जमे बाबुओं से लेकर सर्वेयर स्तर तक के कर्मचारियों को इधर-उधर कर दिया है।
मंगलवार को किए गए तबादलों में सोनभद्र से जिला खनन अधिकारी के अलावा सर्वेयर, बैरियर इंचार्ज और बाबुओं को को दूरदराज के इलाकों में नई तैनाती दी गई है। अमर उजाला ने 23 जून के अंक में सोनभद्र में एक बड़ी कंपनी द्वारा सोन नदी की धारा रोक कर अवैध खनन करने की खबर प्रकाशित की थी।
अगले दिन इस कंपनी के जिम्मेदारों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। हालांकि अभी भी बड़ी मछलियों पर योगी सरकार ने कार्रवाई नहीं की है। सभी अधिकारी निचले स्तर के हैं। जिन अधिकारियों को हटाया गया है वे सभी यहां सालों से जमे हुए थे।
वहीं जमीन हकीकत यह है कि सपा सरकार की तरह की अभी भी यहां मनमानी जारी है। भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशक डॉ. बलकार सिंह ने जिन 22 कर्मचारियों के तबादले आदेश जारी किए हैं, उनमें इस कंपनी के खिलाफ खिलाफ रिपोर्ट देने वाले सर्वेयर राजनाथ भी शामिल हैं।
राजनाथ को अब क्षेत्रीय कार्यालय बरेली भेजा गया है। जिला खनन अधिकारी को हाल में ही यहां तैनात किए जाने का लाभ मिल गया है। सर्वेयर योगेश शुक्ल झांसी से सोनभद्र भेजा गया है। बाबू राजेश कुमार राय का यहां से कई बार तबादला हुआ पर वह हर बार यहां लौट आते हैं। अब उन्हें पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सहारनपुर भेजा गया है।
इसी तरह सर्वेक्षक दिनेश कुमार को गौतम बुद्ध नगर से सोनभद्र, नरेंद्र कुमार खनिज लिपिक/मोहर्रिर को इलाहाबाद से सोनभद्र, रामजीधर दूबे खनिज लिपिक/मोहर्रिर को सोनभद्र से इलाहाबाद, अरशद इकबाल खनिज लिपिक/मोहर्रिर को सोनभद्र से मुजफ्फरनगर, कुंदन कुमार खनिज लिपिक/मोहर्रिर को सोनभद्र से लखनऊ, अब्दुल गनी अंसारी खनिज लिपिक/मोहर्रिर को सोनभद्र से बलिया, विनोद राज कमल खनिज लिपिक/मोहर्रिर को मिर्जापुर से बस्ती, अनीता देवी खनिज लिपिक/मोहर्रिर को मिर्जापुर से भदोही, कमला शंकर उपाध्याय खनिज लिपिक/मोहर्रिर मिर्जापुर से बदायूं भेजे गए हैं।
अनिका राय खनिज लिपिक/मोहर्रिर चंदौली से वाराणसी और रंजन वर्मा खनिज लिपिक/ मोहर्रिर क्वैरी सोनभद्र से गाजीपुर भेजे गए हैं।