उत्तर प्रदेश की सत्ता संभालने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सूबे की सभी सड़कों को 15 जून तक गड्ढा मुक्त करने का आदेश दिया था। आज से उस 15 जून तक के अल्टीमेटम का काउंटडाउन शुरू हो गया है। अभी तक के रिपोर्ट के मुताबिक सीएम के आदेश पर ज्यादा काम नहीं हुआ है।
वाराणसी की सड़कों को 15 जून तक गड्ढामुक्त करने का अभियान जिले में अब तक रफ्तार नहीं पकड़ पाया है। अब महज पखवारे भर का समय बचा है लेकिन अब तक बमुश्किलें 30 फीसदी सड़कें ही गड्ढामुक्त कराई जा सकी है। इनमें भी कई सड़कें ऐसी हैं, जहां आधा-अधूरा काम कराया गया है।
बीच के गड्ढे तो पाटे गए लेकिन किनारे के गड्ढे छोड़ दिए गए हैं। अब बारिश में ऐसी सड़कों के किनारे जलभराव से राहगीरों के लिए मुसीबत खड़ी होगी। हालांकि पीडब्ल्यूडी का दावा है कि पहले बड़े गड्ढे पाटे जा रहे हैं। उसके बाद किनारों के गड्ढे भी दुरुस्त कराए जाएंगे लेकिन काम की सुस्त रफ्तार को देखते हुए विभागीय दावे पर सवाल उठ रहे हैं।
अभी करीब 496 किलोमीटर सड़कों पर काम शुरू ही नहीं पाया है। वहीं, शहर की नगर निगम की सड़कों की मरम्मत का हाल और बदतर है।
बाजार में गिट्टी-बालू की किल्लत की चुनौती के बीच पीडब्ल्यूडी भले समय से सभी सड़कों को गड्ढामुक्त कराने के दावे कर रहा हो लेकिन हालात कुछ और ही नजर आ रहे हैं।
706 किलोमीटर सड़क में अब तक जिन सड़कों को गड्ढामुक्त कराने का दावा किया जा रहा है, उन पर भी काम आधा-अधूरा है। नगर निगम के पास बन रही सड़क हो या सिगरा-महमूरगंज मार्ग, कुछ जगहों पर गड्ढे पाटे गए हैं तो कुछ जगह उसी तरह छोड़ दिया गया है।
लंका-मैदागिन, कैंट-लंका, इंग्लिशिया लाइन से मैदागिन, मैदागिन से विशेश्वरगंज मार्ग में कुछ पर काम ही शुरू नहीं हो पाया है। कुछ सड़कों पर आधा-अधूरा काम कराया गया है। ये शहर की प्रमुख सड़कें हैं, जो पीडब्ल्यूडी के अधीन हैं।
लहुराबीर-गिरजाघर मार्ग की मरम्मत नगर निगम को करानी है लेकिन इस व्यस्त मार्ग को अब तक दुरुस्त नहीं कराया गया है। कॉलोनियों, मुहल्लों की 172 सड़कें नगर निगम को बनानी हैं लेकिन बमुश्किल 25 फीसदी भी काम नहीं हो पाया है।