बीएचयू में शोध छात्र को गलत ढंग से प्लास्टर लगाने का मामला सामने आया है। चिकित्सा महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। जानकारी के अनुसार शिकायत कर जांच की मांग की गई है।
बीएचयू के शोध छात्र नील दुबे ने ट्रॉमा सेंटर पर उपचार में लापरवाही का आरोप लगाकर बीएचयू प्रशासन से शिकायत की है। कहा कि बीते शनिवार को हाथ में लगी चोट लेकर स्टूडेंट्स हेल्थ सेंटर पहुंचे थे जहां एक्स रे देख डॉक्टरों ने ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया।
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इसके बाद जब वह ट्रॉमा सेंटर पहुंचे तो डॉक्टर सौरभ सिंह की ओपीडी थी और उनको ही दिखाया। आरोप है कि दस मिनट में दो बार प्लास्टर लगाया गया और प्लास्टर लगवाकर छात्रावास पहुंचे ही थे कि उंगलियों में खुजली शुरू हो गई।
बताया कि दो दिन बाद जब परेशानी बढ़ी तो वे लखनऊ के श्यामा प्रसाद मुखर्जी अस्पताल पहुंचे यहां पता चला कि ट्रॉमा सेंटर में हुआ प्लास्टर ढंग से नहीं किया गया था। नील ने आगे बताया कि जब बीएचयू के छात्रों के साथ ऐसा हो रहा है तो फिर अन्य सामान्य मरीजों के साथ डॉक्टर कैसे उपचार कर रहे होंगे। उन्होंने निदेशक और कुलसचिव से मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की है।