Women's Day 2024: रीता के कहने पर उनेके पति राघवेंद्र ने खुद की नसबंदी करवाई। इसके बाद रीता अपने पति का उदाहरण देते हुए लोगों को समझाती रहीं। इससे प्रेरित होकर 20 पुरुषों ने नसबंदी करवाई।
पुरुषों को नसबंदी के प्रति जागरूक करने के लिए आशा कार्यकर्ता रीता सिंह ने अपने पति की नसबंदी को मिसाल बनाया। इससे प्रेरित होकर दो पुरुषों ने नसबंदी कराई। इसके लिए रीता को पुरस्कार भी मिला।
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शहरी क्षेत्र पांडेयपुर की आशा कार्यकर्ता रीता सिंह (42) 2016 में आशा कार्यकर्ता बनीं। वे पहले पहले शिक्षिका थी लेकिन बाद में उन्होंने स्वास्थ्य के क्षेत्र को चुना। उन्होंने बताया कि टीकाकरण, गर्भावस्था के लिए प्रसव पूर्व जांच, और नसबंदी के लिए महिलाओं, पुरुषों को प्रेरित किया।
महिलाएं तो तैयार हो गईं, लेकिन पुरुष हिचकते थे। रीता के कहने पर उनेके पति राघवेंद्र ने खुद की नसबंदी करवाई। इसके बाद रीता अपने पति का उदाहरण देते हुए लोगों को समझाती रहीं। इससे प्रेरित होकर 20 पुरुषों ने नसबंदी करवाई।
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वहीं, वर्ष 2007 में आशा बनी भानुमति (53) ने भी पुरुषों को जागरूक किया। वे अब तक 50 पुरुषों को प्रोत्साहित कर उनकी नसबंदी करा चुकी हैं। साथ ही महिलाओं को नसबंदी के बारे में प्रेरित कर रहीं हैं।