वाराणसी जिले की एक वृद्धा ने 256 महीने के भरण-पोषण के खर्च 2.56 लाख रुपये के लिए कोर्ट गई। जिसके बाद कोर्ट ने महिला के पति के खिलाफ जारी वसूली वारंट के अनुपालन के लिए डायरेक्टर ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन, पंजाब को पत्र भेजने का आदेश दिया है।
वाराणसी जिले की परिवार अदालत में 68 साल की वृद्धा ने पति से एक हजार रुपये महीने के हिसाब से 256 माह का भरण-पोषण का खर्च दो लाख 56 हजार रुपये दिलाने की गुहार लगाई है। अदालत ने पंजाब में रह रहे पति के खिलाफ जारी वसूली वारंट के अनुपालन के लिए डायरेक्टर ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन, पंजाब को पत्र और ई-मेल भेजने का आदेश दिया है।
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यह है पूरा मामला
अस्सी क्षेत्र के जगतनाथ मंदिर में लंबे समय से रह रहीं वृद्धा किरण पांडेय ने बिहार के रोहतास निवासी पति के खिलाफ भरण-पोषण का मुकदमा 2002 में दाखिल किया था। 25 जून 2003 को परिवार न्यायालय के तत्कालीन प्रधान न्यायाधीश एसके श्रीवास्तव ने सुनवाई के बाद पति चंद्र शेखर को एक हजार रुपये प्रतिमाह देने का आदेश दिया था। कोर्ट ने भरण-पोषण का खर्च नहीं देने पर वसूली वारंट जारी किया।
वर्तमान में पति पंजाब के मोहाली में रहता है। वृद्धा के अनुसार, उनकी 1975 में शादी हुई। 2002 से वह भरण-पोषण का मुकदमा लड़ रही हैं। अब वह भरण-पोषण के दो लाख 56 हजार रुपये के लिए कचहरी का चक्कर लगा रही हैं। कहा कि मरने की कगार पर हूं, उम्मीद है कि जीते जी न्याय जरूर मिलेगा। वहीं, इस प्रकरण का दूसरा पहलू यह है कि वृद्धा का एक पुत्र और एक पुत्री है। दोनों अब 40 वर्ष से ज्यादा उम्र के हैं और पिता के साथ रहते हैं। वृद्धा पति से विवाद के बाद से ही वर्ष 2002 से मंदिर में रह रही हैं।