इसके बाद सुबह उसके पिता की कोविड के साथ ब्लड जांच कराने को कहां, उसके बाद ही इलाज शुरू करने के लिए राजी हुए। डॉक्टर के बताने के अनुसार उसने पिता की जांच कराई। इसके बाद भी डाक्टर पिता को देखने के लिए तैयार नहीं हुए। इस दौरान युवक पिता का उपचार कराने के लिए इधर उधर भटकता रहा, लेकिन उसके पिता को इलाज नहीं मिल सका।
इस बीच दोपहर 12 बजे उसकी मौत हो गई। इलाज में लापरवाही और अपने मरीज की मौत से नाराज परिजनों ने जमकर हंगामा करते हुए विरोध प्रदर्शन करने लगे। मृतक मरीज के परिजनों के नाराजगी रवैया को देखते हुए ड्यूटी से गायब हो गए। इस बाबत सीएमएस डॉ. बृज कुमार का कहना है कि मरीज गंभीर स्थिति में भर्ती हुआ था। शनिवार को जांच के दौरान संभवत हार्ट अटैक से उसकी मौत हो गई।