एएसपी उत्तरी दिनेश शुक्ल ने बताया कि विवेचना के दौरान सामने आया कि मान्ती देवी की मानसिक स्थिति लंबे समय से ठीक नहीं रहती थी। वह कभी-कभी घर से निकल जाती थीं और कई दिनों बाद लौटती थीं। बेटी गौरी दृष्टिबाधित थी और मां के घर से चले जाने पर दूसरों के घरों से मांगकर भोजन करती थी।
पुलिस का दावा है कि इन परिस्थितियों को लेकर रामचीज मानसिक रूप से परेशान था और उसने घटना से पहले गांव की चट्टी पर पत्नी और बेटी को मारने अथवा खुद मर जाने की बात भी कही थी। रामचीज ने पहले चंदन यादव और दिनेश गुप्ता को हत्या की योजना में शामिल करने का प्रयास किया, लेकिन दोनों तैयार नहीं हुए। बाद में 16 सितंबर की शाम करीब सात बजे दोनों उसके साथ हो गए।
तीनों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में।
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आरोप है कि तीनों ने मिलकर मान्ती देवी और गौरी की हत्या कर दी। इसके बाद गौरी के शव को घर से बाहर खेत में रख दिया गया और घर में फैले खून को साफ कर दिया गया। पुलिस के मुताबिक इसके बाद घटना को बाहरी लोगों द्वारा की गई हत्या बताने की कोशिश की गई।
घटना के बाद शुरुआती जांच में पुलिस ने कई पहलुओं पर काम किया था। डीआईजी सुनील कुमार सिंह, एसपी ओमवीर सिंह समेत पुलिस अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया था और स्वाट, सर्विलांस तथा फोरेंसिक टीमों को जांच में लगाया गया था।
साक्ष्य छुपाने व पति की चुपी से गहराई शंका
मां बेटी की हत्या के बाद पुलिस की जांच के दौरान खून का साक्ष्य धोने व घटना की जानकारी होने के बावजूद पति रामचीज द्वारा पुलिस या ग्रामीण को खबर न कर दाह संस्कार की तैयारी करना यह तमाम सवाल रामचीज पर शंका बढ़ गई थी। मां व बेटी की हत्या घर के अंदर होने के सबूत मिल रहे थे, लेकिन पुलिस के सामने सवाल था आखिर गौरी का शव खेत तक कैसे पहुंचा ल, अगर रामचीज अकेले बेटी के शव को लेकर जाता तो रास्ते पर खून व अन्य निशान मिलते, जरूर घटना में एक से ज्यादा लोग शामिल होंगे। इस शंका पर पुलिस ने पिता सहित प्रधान प्रतिनिधि सहित चार को पूछताछ के लिया था।
सिधागरघाट से तीनों गिरफ्तार
पुलिस ने बताया कि 19 सितंबर की सुबह मुखबिर की सूचना पर स्वाट, सर्विलांस और रसड़ा पुलिस की संयुक्त टीम ने सिधागरघाट से रामचीज गुप्ता, चंदन यादव और दिनेश गुप्ता को गिरफ्तार किया। पूछताछ और निशानदेही के आधार पर लोहे का दाव तथा रामचीज का कुर्ता और चंदन की टी-शर्ट बरामद करने का दावा किया गया है। मामले में पहले अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना के बाद इसमें हत्या तथा आर्म्स एक्ट की धारा बढ़ाई गई है। तीनों आरोपियों को विधिक कार्रवाई के बाद न्यायालय भेज दिया गया।