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जब थानाध्यक्ष से महिलाओं ने पूछा, पुलिस हमेशा गाली देकर क्यों बात करती है

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महिला हिंसा पखवाड़ा के तहत बुधवार को लोक समिति व आशा ट्रस्ट की ओर से थाना परिसर में चौपाल लगाया गया। इस दौरान महिलाओं को सुरक्षा और काननू संबंधी कई जानकारियां दी गई। वहीं थानाध्यक्ष उस समय असहज हो गए जब महिलाओं ने पूछ लिया कि पुलिस हमेशा गाली देकर ही क्यों बात करती है, छात्राओं और महिलाओं ने कहा कि पुलिस जब भी किसी घटनास्थल पर पहुंचती है तो सीधे गाली से अपनी बात शुरू करती है। एक महिला ने दावा किया कि उसने आंखों के सामने पुलिस का रूप देखा है। इस दौरान थानाध्यक्ष एसबी सिंह ने महिलाओं की बेबाकी और तार्किक सवालों की सराहना करते हुए बेहद संवेदनशीलता से उनके सवालों का जवाब दिया। उन्होंने बताया कि पुलिस रूलिंग में कोई गाली जैसा शब्द नहीं है। चौपाल के दौरान कई लड़कियों ने अपने गांव में हो रहे जुआ और शराब की दुकान बंद करने की मांग की।
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महिलाओं को हेल्पलाइन नंबर 112, 181, 1090 का इस्तेमाल करने और मिशन शक्ति के बारे में भी बताया गया। इसके पूर्व युवतियों व छात्राओं ने लालपुर चट्टी से मिर्जामुराद थाने तक घरेलू महिला हिंसा, लैंगिक भेदभाव, यौन उत्पीड़न के खिलाफ रैली निकाली। प्रेरणा कला मंच के कलाकारों ने महिला हिंसा पर आधारित नुक्कड़ नाटक भी किया। कार्यक्रम में सोनी, अनीता पटेल, आशा राय, रामवचन, विनीता दुबे, रामबचन, सोनी आशा, सरोज, शिवकुमार, मुकेश, अजीत, सच्चिदानंद, अमित, राजकुमारी, शशांक, प्रेमा आदि उपस्थित रहीं।
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