इधर, पूनम के परिवार और ससुराल में खुशी का माहौल रहा। पिता कैलाश यादव ने बेटी की जीत पर खुशी जाहिर करते हुए गांव और परिवार मिठाई बांटकर खुशियां मनाई। कैलाश ने बताया कि मेरी तीन बेटियों में सबसे बड़ी बेटी शशि ने वेटलिफ्टिंग की बदौलत रेलवे में नौकरी पाई।
दूसरी बेटी पूनम ने भी बड़ी बेटी के नक्शे कदम पर चलकर रेलवे में नौकरी और शादी के बाद भी खेल भावना का दामन नहीं छोड़ा। जिसका नतीजा है देश के लिए रजत पदक। तीसरी बेटी पूजा भी नेशनल स्तर की वेटलिफ्टर है। इनके अलावा दो बेटे है जो एथलेटिक्स और हॉकी में काशी का मान बढ़ा रहे है।
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