प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आदर्श गांव जयापुर में गुरुवार को कालीन बुनाई प्रशिक्षण केंद्र का शुभारंभ होगा। गांव की प्रधान दुर्गावती देवी इस प्रशिक्षण केंद्र का उद्घाटन करेंगी।
कालीन निर्यात संवर्धन परिषद की देखरेख में संचालित शिविर में एक बैच में 12 महिलाओं को कालीन बुनाई का प्रशिक्षण दिया जाएगा। चार माह की प्रशिक्षण अवधि में महिलाओं को 2400 रुपये प्रतिमाह का मानदेय भी मिलेगा।
कालीन निर्यात संवर्धन परिषद के वरिष्ठ सहायक निदेशक विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि वस्त्र मंत्रालय भारत सरकार की पहल पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आदर्श गांव जयापुर में कालीन बुनाई का प्रशिक्षण केंद्र खोला जा रहा है। केंद्र पर तीन पावरलूम मशीन की व्यवस्था की गई है।
एक मशीन पर चार महिलाओं को कालीन बुनाई का नियमित छह घंटे प्रशिक्षण दिया जाएगा। ट्रेनिंग के लिए एक मास्टर ट्रेनर की व्यवस्था की गई है। ट्रेनिंग के दौरान महिलाओं को 2400 रुपये का मानदेय भी मिलेगा जबकि मास्टर ट्रेनर को 7000 रुपये मानदेय मिलेगा। सिन्हा ने कहा कि पहला बैच गुरुवार से शुरू हो जाएगा।
मजदूर एक घंटा अतिरिक्त कर रहे काम
आराजी लाइन। जयापुर के मजदूर अपने सांसद मोदी के नक्शे कदम पर हैं। उन्होंने तय किया है कि गांव में जो भी विकास का काम होगा वे एक घंटा अतिरिक्त श्रम करेंगे। उनका तर्क है कि जब पीएम देश के लिए 16 से 18 घंटे रोज काम कर रहे हैं तो हम अपने गांव के लिए एक घंटा अतिरिक्त काम तो कर ही सकते हैं। गांव के मजदूर राजनाथ, लालधर, छविनाथ, माता प्रसाद, शिवनाथ आदि ने कहा कि वे सभी बीए पास हैं मगर काम नहीं मिला तो वे गांव में ही मजदूरी करते हैं। उधर, गांव के बुजुर्गों ने कहा कि मोदी जी ने गांधी युग की याद ताजा कर दी है। गांधी भी शिक्षा और सफाई की वकालत करते थे और मोदी भी करते हैं।