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बनारस में पारा 41 डिग्री पार: पूर्वांचल में चिलचिलाती धूप ने किया परेशान, तापमान में बढ़ोतरी जारी

Mon, 04 Apr 2022 09:52 AM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

 गर्मी का कहर कम होने का नाम नहीं ले रहा। तीन अप्रैल के दिन वाराणसी में अधिकतम तापमान 41.4 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया।  गर्मी के ऐसे तेवर देख लोग चिंता में पड़ गए हैं। 
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वाराणसी तेज धूप से बचने के लिए छात्राओं ने चेहरे को ढंका - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वाराणसी समेत पूर्वांचल के जिलों में हवा के साथ मौसम का रुख पूरी तरह से बदल चुका है। तेज धूप होने के साथ गर्म हवा के थपेड़े से तापमान बढ़ रहा है। अप्रैल के आरंभ में ही मई जैसी गर्मी का अहसास होने लगा है। अधिकतम के साथ न्यूनतम तापमान में भी वृद्धि होने लगी है। वाराणसी में शनिवार को अधिकतम तापमान 40.6 डिग्री सेल्सियस की जगह रविवार को तापमान 41.4 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।  

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गर्मी के ऐसे तेवर देख लोग चिंता में पड़ गए हैं। हर कोई सोचने लगा है कि जब अभी ये हाल है तो फिर मई-जून में क्या होगा? दिक्कत वाली बात ये है कि फिलहाल इस प्रचंड गर्मी से राहत मिलती नहीं दिख रही है। दो दिन से धूप तेज होने के साथ ही तापमान में भी लगातार बढ़ोतरी जारी है।

दोपहर में सड़कों पर सन्नाटा

दिन में बहुत गर्म हवा भी चल रही है। शाम को भी लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है। रविवार को दोपहर में तो शहर में कई जगहों पर सड़कों पर सन्नाटे जैसा माहौल दिखा। अप्रैल महीने के शुरुआत से ही मौसम में तेजी से बदलाव देखने को मिल रहा है।

रविवार को सुबह से ही मौसम बहुत गर्म रहा। दोपहर करीब एक बजे लहुराबीर से कैंट स्टेशन जाने वाले मार्ग, जगतगंज से नदेसर जाने वाले मार्ग, कैंट फ्लाईओवर और चौकाघाट से मकबूल आलम रोड पर भी अन्य दिनों की तुलना में गाड़ियों की आवाजाही कम रही।  बीएचयू के मौसम वैज्ञानिक प्रो. मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि  इस सप्ताह में चार-पांच दिन ऐसे ही मौसम रहने और हीटवेव चलने के आसार हैं। तापमान में भी बढ़ोतरी जारी रहेगी। 
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महंगाई और गर्मी से मुरझाया फूलों का कारोबार

चैत्र नवरात्र में इस बार गर्मी और महंगाई से फूलों का कारोबार मुरझा गया है। फूलों की खेती करने वाले किसानों को निराशा हाथ लगी है। मार्च में औसत से अधिक तापमान रहने के कारण खेतों में लगे फूलों के पौधे तैयार होने से पहले सूख गए, इससे फूलों के उत्पादन में कमी आई है। गर्मी तो बढ़ी ही साथ ही महंगाई की मार से भी किसान परेशान हैं। किसानों का कहना है कि उम्मीद नहीं थी कि मार्च के महीने में ही इतनी गर्मी पड़ेगी। नवरात्र के समय में पूरे पूर्वांचल में यहां से जाने वाले फूल और माला की मांग भी महंगाई के चलते कम हुई है।

त्योहार हो या शादी गेंदे के फूल की मांग सबसे अधिक होती है। लेकिन इस साल फूलों पर भी महंगाई की मार देखने को मिल रही है। जिस गेंदे के फूल की एक माला 15 रुपये में मिलती थी, वही अब 40 रुपये की हो गई है। किसानों का कहना है कि फूलों में उपयोग होने वाले कीटनाशकों के दाम बढ़ गए हैं। 20 रुपये रोजाना लगने वाला मंडी शुल्क अब 25 रुपये हो गया है। नवरात्र में विंध्याचल जाने वाले फूलों की मांग में भी कमी आई है। इस समय यहां से विंध्याचल गुड़हल, तुलसी, गेंदे एवं बेले के फूल भेजे जा रहे हैं। डीजल-पेट्रोल के दाम बढ़ने से बाहरी फूल व्यापारियों का आवागमन भी कम हुआ है
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