रविवार को सुबह से ही मौसम बहुत गर्म रहा। दोपहर करीब एक बजे लहुराबीर से कैंट स्टेशन जाने वाले मार्ग, जगतगंज से नदेसर जाने वाले मार्ग, कैंट फ्लाईओवर और चौकाघाट से मकबूल आलम रोड पर भी अन्य दिनों की तुलना में गाड़ियों की आवाजाही कम रही। बीएचयू के मौसम वैज्ञानिक प्रो. मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि इस सप्ताह में चार-पांच दिन ऐसे ही मौसम रहने और हीटवेव चलने के आसार हैं। तापमान में भी बढ़ोतरी जारी रहेगी।
चैत्र नवरात्र में इस बार गर्मी और महंगाई से फूलों का कारोबार मुरझा गया है। फूलों की खेती करने वाले किसानों को निराशा हाथ लगी है। मार्च में औसत से अधिक तापमान रहने के कारण खेतों में लगे फूलों के पौधे तैयार होने से पहले सूख गए, इससे फूलों के उत्पादन में कमी आई है। गर्मी तो बढ़ी ही साथ ही महंगाई की मार से भी किसान परेशान हैं। किसानों का कहना है कि उम्मीद नहीं थी कि मार्च के महीने में ही इतनी गर्मी पड़ेगी। नवरात्र के समय में पूरे पूर्वांचल में यहां से जाने वाले फूल और माला की मांग भी महंगाई के चलते कम हुई है।
त्योहार हो या शादी गेंदे के फूल की मांग सबसे अधिक होती है। लेकिन इस साल फूलों पर भी महंगाई की मार देखने को मिल रही है। जिस गेंदे के फूल की एक माला 15 रुपये में मिलती थी, वही अब 40 रुपये की हो गई है। किसानों का कहना है कि फूलों में उपयोग होने वाले कीटनाशकों के दाम बढ़ गए हैं। 20 रुपये रोजाना लगने वाला मंडी शुल्क अब 25 रुपये हो गया है। नवरात्र में विंध्याचल जाने वाले फूलों की मांग में भी कमी आई है। इस समय यहां से विंध्याचल गुड़हल, तुलसी, गेंदे एवं बेले के फूल भेजे जा रहे हैं। डीजल-पेट्रोल के दाम बढ़ने से बाहरी फूल व्यापारियों का आवागमन भी कम हुआ है