फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Varanasi Weather Update: सावन आया पर झमाझम बारिश नहीं, दो दिन में मौसम बदलने के आसार

Sat, 16 Jul 2022 11:28 AM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

वाराणसी और आसपास के जिलों में लोग गर्मी और उमस से परेशान हैं। सावन में भी बारिश न होने से लोगों की चिंता बढ़ गई है। 
विज्ञापन
वाराणसी में मौसम - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

वाराणसी समेत आसपास के जिलों में बादलों की बेरुखी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी है। सावन के महीने में भी बादल आसमान में खूब उमड़-घुमड़ रहे हैं, लेकिन बरस नहीं रहे। बीते दो-तीन दिन में एक दो बार हल्की बूंदाबांदी हुई है। वाराणसी और आसपास के जिलों में बारिश न होने से तापमान और उमस काफी हद तक बढ़ गया है।
विज्ञापन


शुक्रवार को अधिकतम तापमान 38.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शनिवार सुबह 10 बजे तापमान 30 डिग्री सेल्सियस रहा। सूरज में तल्खी है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, 17 जुलाई के बाद मौसम बदलने के आसार हैं। गरज-चमक के साथ बारिश होगी और तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी। 

किसानों को डरा रहा मौसम, सताने लगी सूखे की आशंका
मौसम की बेरुखी और बांधों में पानी न होने से खेती को लेकर किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींचने लगी हैं। दिन में बादल और रात में मौसम साफ होने के साथ तेज पुरवा हवाओं को बुजुर्ग खेती के लिए शुभ संकेत नहीं मान रहे। उनका कहना है कि जुलाई के एक पखवारे में भी माकूल बारिश न होना चिंताजनक है। हालांकि कृषि विशेषज्ञ अब भी मौसम का रुख बदलने को लेकर आशान्वित हैं। उनकी मानें तो 25 जुलाई तक भी अच्छी बारिश हो जाए तो किसान धान की रोपाई कर लेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

कृषि विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो इस वर्ष जिले में 31529 हेक्टेयर में धान की खेती का लक्ष्य रखा गया है। खेती के लिए जिले के अधिकांश किसानों ने जून में ही धान की नर्सरी डाल दी थी। बारिश न होने से किसानों को नर्सरी की सिंचाई करना भी मुश्किल हो गया है।

साधन संपन्न जिन किसानों की नर्सरी तैयार हो गई है उन्होंने धान की रोपाई तो शुरू कर दी है लेकिन जिन किसानों के पास सिंचाई के साधन नहीं हैं वे आसमान की तरफ टकटकी लगाए हैं। बारिश न होने से किसान खरीफ की अन्य फसल अरहर, मक्का, उड़द आदि की भी बोआई नहीं कर पा रहे हैं। बांधों में भी पर्याप्त पानी न होने से किसानों को चिंता सता रही है। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें