वाराणसी में प्रचंड गर्मी का सितम नहीं हो रहा कम
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प्रो. पांडेय ने बताया कि उत्तर पूर्व से मानसून की रेखा सात दिनों से बिहार और बंगाल की सीमा पर ही स्थिर है। पश्चिम की गर्म हवाओं के कारण मौसम का रुख चुनौतीपूर्ण हो गया है। दो दिनों में मानसूनी स्थितियों के बदलाव से गति तय होगी।
मौसम विभाग ने भी स्थितियों में बदलाव के संकेत दिए हैं। अब मानसूनी परिस्थिति बनने लगी है। अरब सागर के साथ ही बंगाल की खाड़ी में हालात बदले हैं। आने वाले दिनों में मौसम का रुख बदलने और मानसून के आगे बढ़ने की उम्मीदें भी बढ़ी हैं।
उमस भरी गर्मी में हो रही बेतहाशा कटौती ने उपभोक्ताओं को परेशान कर दिया है। बिजली की मांग बढ़कर 720 मेगावाट पहुंच गई है। ओवरलोडिंग के चलते ट्रिपिंग की समस्या भी बढ़ गई है। फाल्ट ठीक करने में कर्मचारियों को घंटों समय लग रहा है। कटौती का आलम यह है कि तार टूटने और डीओ उड़ने पर घंटों कटौती की जा रही है।
ककरमत्ता क्षेत्र में ओवरलोडिंग से हुई ट्रिपिंग के चलते शाम छह बजे से एक घंटे की कटौती हुई। क्षेत्रीय निवासी दिपक सोनकर ने बेवक्त लाइट कटौती ने रात की नींद छीन ली है। दिवाकर ने बताया मड़ौली में ओवरलोडिंग के चलते पिछले 24 घंटे में 15 से 20 मिनट के लिए दर्जनों बार कटौती की गई।
मंडुवाडीह फीडर के शिवदासपुर में हो रही कटौती लोगों को रात भर जागरण करना पड़ रहा है। रात में एक बजे केबल फाल्ट के चलते एक घंटे की कटौती की गई। इसके बाद सुबह छह बजे ही बिजली कट गई जिससे लोगों कोे पानी का संकट खड़ा हो गया। अधीक्षण अभियंता दीपक अग्रवाल ने बताया कि बिजली की मांग बढ़कर 720 मेगावाट पहुंच गई है। ट्रांसफार्मरों के लोड और चोरी रोकने के लिए अभियान चलाया जा रहा है।