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Weather Update: वाराणसी में प्रचंड गर्मी का सितम नहीं हो रहा कम, अधिकतम तापमान सामान्य से छह डिग्री अधिक

Sat, 11 Jun 2022 10:05 AM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

वाराणसी समेत आसपास के जिलों में बेचैन करने वाली गर्मी पड़ रही है। दिन भर गर्म हवाएं ऐसी चल रही हैं कि घर से लोगों को बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। शाम होने के बाद भी लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है।
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वाराणसी में प्रचंड गर्मी का सितम - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जून का पहला सप्ताह प्रचंड गर्मी में बीत चुका है, जबकि चालू सप्ताह में भी इससे राहत मिलने की कोई उम्मीद नहीं है। इस सप्ताह में रोजाना तापमान 40 से 45 डिग्री के बीच है। भीषण गर्मी के कारण लोग ही नहीं बल्कि पशु और पक्षी भी बेहाल हैं। सुबह से ही बरस रहे शोले सुबह से ही तेज धूप बदन में चुभने लगती है। दोपहर होते-होते चिलचिलाती धूप असहनीय हो जाती है।  शुक्रवार को अधिकतम तापमान 43.5और न्यूनतम तापमान 28.6 डिग्री दर्ज किया गया। अधिकतम तापमान सामान्य से छह डिग्री और न्यूनतम तापमान सामान्य से एक डिग्री अधिक दर्ज किया गया। 

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बाहर चिलचिलाती धूप और घर व दफ्तरों के अंदर उमस लोगों का हाल-बेहाल है। दिन में सूरज के तेवर रात में गरम हवाओं का असर बना हुआ है। ऐसे में मानसून आगे नहीं बढ़ रहा है। बंगाल की खाड़ी से नमी का स्तर कम होने के कारण प्री मानसून की सक्रियता में कमी आई है। संभावनाएं जताई जा रही हैं कि लोकल हीटिंग के साथ ही नमी में बढ़ोत्तरी हुई तो थोड़ी बहुत बूंदाबांदी हो सकती है। 

सप्ताह भर बाद मौसम बदलने की संभावनाएं
मौसम विज्ञानी प्रो. एसएन पांडेय का कहना है कि गर्मी के कारण हीटवेव जैसे हालात बन रहे हैं। दस दिनों के अंदर मानसून की सक्रियता के आसार हैं। पछुआ और गर्म हवाओं का असर कमजोर हुआ तो मानसून तेजी से सक्रिय हो सकता है। सप्ताह भर बाद मौसम बदलने की संभावनाएं हैं।

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वाराणसी में प्रचंड गर्मी का सितम नहीं हो रहा कम - फोटो : अमर उजाला
प्रो. पांडेय ने बताया कि उत्तर पूर्व से मानसून की रेखा सात दिनों से बिहार और बंगाल की सीमा पर ही स्थिर है। पश्चिम की गर्म हवाओं के कारण मौसम का रुख चुनौतीपूर्ण हो गया है। दो दिनों में मानसूनी स्थितियों के बदलाव से गति तय होगी।

मौसम विभाग ने भी स्थितियों में बदलाव के संकेत दिए हैं। अब मानसूनी परिस्थिति बनने लगी है। अरब सागर के साथ ही बंगाल की खाड़ी में हालात बदले हैं। आने वाले दिनों में मौसम का रुख बदलने और मानसून के आगे बढ़ने की उम्मीदें भी बढ़ी हैं। 
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उमस भरी गर्मी में हो रही बेतहाशा बिजली कटौती

उमस भरी गर्मी में हो रही बेतहाशा कटौती ने उपभोक्ताओं को परेशान कर दिया है। बिजली की मांग बढ़कर 720 मेगावाट पहुंच गई है। ओवरलोडिंग के चलते ट्रिपिंग की समस्या भी बढ़ गई है। फाल्ट ठीक करने में कर्मचारियों को घंटों समय लग रहा है। कटौती का आलम यह है कि तार टूटने और डीओ उड़ने पर घंटों कटौती की जा रही है।

ककरमत्ता क्षेत्र में ओवरलोडिंग से हुई ट्रिपिंग के चलते शाम छह बजे से एक घंटे की कटौती हुई। क्षेत्रीय निवासी दिपक सोनकर ने बेवक्त लाइट कटौती ने रात की नींद छीन ली है। दिवाकर ने बताया मड़ौली में ओवरलोडिंग के चलते पिछले 24 घंटे में 15 से 20 मिनट के लिए दर्जनों बार कटौती की गई।

मंडुवाडीह फीडर के शिवदासपुर में हो रही कटौती लोगों को रात भर जागरण करना पड़ रहा है। रात में एक बजे केबल फाल्ट के चलते एक घंटे की कटौती की गई। इसके बाद सुबह छह बजे ही बिजली कट गई जिससे लोगों कोे पानी का संकट खड़ा हो गया। अधीक्षण अभियंता दीपक अग्रवाल ने बताया कि बिजली की मांग बढ़कर 720 मेगावाट पहुंच गई है। ट्रांसफार्मरों के लोड और चोरी रोकने के लिए अभियान चलाया जा रहा है।
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