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रोजाना कर रहे पानी का छिड़काव, नहीं सुधर रही वायु गुणवत्ता

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बनारस में हवा की गुणवत्ता को सुधारने की कवायद असरदार साबित नहीं हो रही है। सुबह और शाम तापमान कम हो जाने के कारण प्रदूषक तत्व हवा में घुल नहीं पा रहे हैं। इसके कारण पिछले तीन दिनों से बनारस ऑरेंज जोन में बना हुआ है। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से पर्यावरण प्रदूषण को नियंत्रित करने की कवायद की जा रही है, लेकिन वायु गुणवत्ता में सुधार नहीं हो रहा है।
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केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 261 दर्ज किया गया। भेलूपुर का एक्यूआई 273 दर्ज किया। इसमें पीएम 2.5 अधिकतम 360, पीएम 10 अधिकतम 298, कार्बन 128, नाइट्रोजन आक्साइड 74 रहा। अर्दली बाजार का एक्यूआई 261, बीएचयू का एक्यूआई 249 दर्ज किया गया। अर्दली बाजार में पीएम 2.5 की अधिकतम मात्रा 362, पीएम 10 की अधिकतम 262, ओजोन की अधिकतम मात्रा 140, नाइट्रोजन आक्साइड की अधिकतम मात्रा 119 और कार्बन की अधिकतम मात्रा 73 दर्ज की गई। बीएचयू में पीएम 2.5 की अधिकतम मात्रा 353, पीएम 10 की अधिकतम मात्रा 242, कार्बन की अधिकतम मात्रा 78 और नाइट्रोजन आक्साइड की मात्रा 48 रही। वहीं सबसे अधिक प्रदूषित इलाका मलदहिया का डाटा ही प्रदर्शित नहीं किया जा रहा है। सीपीसीबी की वेबसाइट से मलदहिया का डाटा नदारद है।
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