बीएचयू में नए कुलपति की नियुक्ति के लिए 11 महीने पहले (दिसंबर 2020) से ही प्रक्रिया शुरू हो गई थी। इस दौरान दो बार कुलपति पद पर नियुक्ति के लिए विज्ञापन भी जारी हुआ। अंतत: आठ महीने बाद बीएचयू में नए कुलपति की नियुक्ति हो गई। आईआईटी गांधीनगर के निदेशक पद्मश्री प्रो. सुधीर कुमार जैन के कुलपति पद पर इसी सप्ताह कार्यभार ग्रहण करने की संभावना है। ऐसे में उनके समक्ष परिसर का माहौल शांतिमय रखना, समय पर प्रवेश, परीक्षा, परिणाम को जारी कराना बड़ी चुनौतियां होंगी। ऐसा इसलिए क्योंकि नवंबर का आधा महीना बीतने के बाद अब तक प्रवेश परीक्षा का परिणाम ही नहीं निकला है, इस वजह से प्रवेश में भी देरी हो सकती है। इसके अलावा विभिन्न मुद्दों को लेकर परिसर का माहौल भी गरम चल रहा है।
विश्वविद्यालय में प्रो. राकेश भटनागर का कुलपति पद का कार्यकाल मार्च 2021 में ही समाप्त हो गया था। नियमानुसार तीन माह पहले ही नियुक्ति की प्रक्रिया भी शुरू हो जाती है। शिक्षा मंत्रालय की ओर से बीएचयू में कुलपति की नियुक्ति के लिए दिसंबर 2020 में विज्ञापन जारी किया गया था। नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई तो मंत्रालय ने एक बार फिर सितंबर 2021 में विज्ञापन जारी किया था। इसके बाद से ही कुलपति की नियुक्ति को लेकर खूब कयास लगाए जा रहे थे। इसके लिए जिन लोगों के नाम चर्चा में थे, उसमें प्रो. सुधीर कुमार जैन का नाम सबसे ऊपर था। अब शिक्षा मंत्रालय की ओर से इनकी नियुक्ति के बाद से इस पर विराम लग गया।
पहली बार मिला आईआईटीयन कुलपति
आईआईटी गांधीनगर के निदेशक प्रो. सुधीर कुमार जैन बीएचयू के पहले कुलपति होंगे जो आईआईटियन हैं। उनकी कार्यशैली का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वह आईआईटी गांधीनगर में निदेशक के पद पर लगातार तीसरी बार सेवा दे रहे थे। इसके पूर्व आईटी बीएचयू (वर्तमान में आईआईटी बीएचयू) के निदेशक रहे प्रो. राजीव संगल को कुलपति पद का कार्यभार दिया गया था। इस तरह स्थायी कुलपति के रूप में प्रो. जैन पहले आईआईटियन कुलपति हैं।