दशाश्वमेध थाना क्षेत्र के बड़ादेव में बुधवार की सुबह दर्शनार्थियों को चंदन और टीका लगाने के चक्कर में दो युवक आपस में भिड़ गए। बीच सड़क मारपीट के चलते दोनों तरफ का मार्ग बाधित हो गया। आसपास के दुकानदारों ने किसी तरह दोनों को सड़क से हटाया। इस बीच दोनों भाग निकले। पुलिस के अनुसार इस प्रकरण की जांच कराई जा रही है। सीसी कैमरे के आधार पर दोनों को चिन्हित किया जा रहा है।
श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर को जाने वाले मार्ग चौक-गोदौलिया-दशाश्वमेध पर दर्शनार्थियों को जबरन चंदन और टीका लगाकर उनसे पैसे वसूले जाते हैं। सफेद धोती और पीला कुर्ता हाथ में पूजा की टोकरी लेकर मंदिर परिक्षेत्र में चंदन और टीका लगाने वाले युवकों की संख्या 50 से 60 से ज्यादा है।
सुबह के समय दो युवक गोदौलिया चौराहे के पास चंदन और टीका लगाने को लेकर मारपीट पर उतारू हुए। इस बीच दुकानदारों ने उन्हे हटाया बढ़ाया। इसके बाद दोनों गोदौलिया-बांसफाटक के पास बड़ादेव में जाकर भिड़ गए। पांच से सात मिनट तक दोनों के बीच मारपीट हुई। सड़क पर दोनों तरफ वाहन सवार और राहगीर रूक गए।
आसपास के दुकानदारों ने बताया कि दोनों युवक नशे में थे। छुड़ाने के दौरान वह किसी गली से होकर फरार हो गए। दुकानदारों ने बताया कि इस समय दर्शनार्थियों को चंदन और टीका लगाकर उनसे पैसे वसूलने का धंधा बना लिया गया है। सुबह और शाम के समय ऐसा करने वाले युवकों की अलग-अलग टोली आ जाती है। पीला कुर्ता और सफ़ेद धोती यूनिफार्म बन गया है।
दर्शनार्थियों, राहगीर, पर्यटक सभी को टीका लगाकर पैसा लेते हैं, जो जितना दें कोई बंधन नहीं है। फिर भी दस रुपये से कम कोई देता नहीं है, जैसे ही कोई इनके सामने से गुजरता है उसे टीका लगाने के लिए दौड़ पड़ते हैं। इसी को लेकर कई युवक आपस में टकरा भी जाते हैं। विश्वनाथ मंदिर के आसपास सभी गलियों, सभी गेट, गोदौलिया, गंगा घाट पर ऐसे लोगों की टोली सुबह से रात तक होती है। दशाश्वमेध पुलिस के अनुसार मारपीट करने वालें युवकों को चिन्हित किया जा रहा है।