गंगा की तरह वरुणा का तट भी पर्यटन का नया ठठाना बनकर उभरेगा। यहां पर्यटकों के लिए पाथवे और बेंच आदि लगाने का काम चल रहा है। पर्यटकों की सुविधा के लिहाज से वरुणा के दोनों किनारे की साफ-सफाई कराई जा रही है।
वरुणा कॉरिडोर को साबरमती रिवर फ्रंट की तरह ही सजाया संवारा जाएगा। यहां विश्वप्रसिद्ध गंगा आरती तर्ज पर वरुणा आरती भी होगी। पर्यटन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक अक्तूबर के दूसरे सप्ताह में शास्त्री घाट पर भव्य वरुणा आरती का शुभारंभ होगा। यहां प्रतिदिन पांच बटुक वरुणा आरती करेंगे।
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पर्यटन विभाग की ओर से वरुणा कॉरिडोर के टूटे पाथवे संवारने का काम शुरू हो गया है। उपनिदेशक पर्यटन आरके रावत ने बताया कि वरुणा तट पर आरती का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। इसे मंजूरी मिल गई है। अक्तूबर के दूसरे सप्ताह में यहां नियमित वरुणा आरती शुरू हो जाएगी। सुबह और शाम दोनों समय आरती होगी। प्रदेश के पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह इसका उद्घाटन कर सकते हैं।
पर्यटन का नया ठिकाना बनेगा वरुणा का तट
गंगा की तरह वरुणा का तट भी पर्यटन का नया ठठाना बनकर उभरेगा। यहां पर्यटकों के लिए पाथवे और बेंच आदि लगाने का काम चल रहा है। पर्यटकों की सुविधा के लिहाज से वरुणा के दोनों किनारे की साफ-सफाई कराई जा रही है। वरुणा नदी को भी साफ कराया जा रहा है।
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फसाड लाइट से रोशन होगा वरुणा का किनारा
शाम होते ही वरुणा का किनारा फसाड लाइट से रोशन होगा। कॉरिडोर के दोनों तरफ फसाड लाइटें लगाई जा रही हैं। रात में यहां लगे चुनार के बलुवा पत्थर से निर्मित बैंच पर बैठकर पर्यटक वरुणा आरती का लुत्फ उठा सकेंगे।