अब चल रहा संक्रमण काल
मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो इस बार रात में भी पसीना नहीं सूख रहा और उमस बरकरार है जबकि पिछली शारदीय नवरात्र रातों में थोड़ी सिहरन शुरू हो गई थी। अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार पिछले साल नवरात्र तीन अक्तूबर से शुरू हुआ था। इसका भी प्रभाव हो सकता है। शारदीय नवरात्र के नौ दिन बारिश और ठंड के मौसम के बीच का संक्रमण काल माना जाता है। इस मौसम में लोगों को काफी बच बचाकर रहना होता है।
आज बूंदाबांदी के आसार
यूपी आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अतुल कुमार सिंह ने बताया कि मानसून के लौटने का सिलसिला जारी है। फिलहाल बादल पश्चिमी यूपी से पूरब की ओर बढ़ रहे हैं। निम्नदाब क्षेत्र के तटीय पश्चिम बंगाल और उत्तरी उड़ीसा तट और उत्तरी-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी पर केंद्रित होने के चलते पूर्वांचल के दक्षिणी और पूर्वी जिलों में बुधवार यानी कि आज हल्की-फुल्की बारिश हो सकती है।