गंगा की लहरों के बीच नाव पर फोटो खिंचवाते पर्यटक
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अप्रैल में मौसम के उलटफेर के बाद मई में भी मौसम तेजी से बदलने लगा। अप्रैल महीने में ऐसा पांच साल में दूसरी बार हुआ जब अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। चार दिन से गर्मी से राहत के बाद शनिवार को दिन में तीखी धूप ने लोगों की बेचैनी बढ़ा दी। शनिवार को अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। रात में भी गर्मी ने लोगों को परेशान कर दिया।
अप्रैल के दूसरे सप्ताह से गर्म हवाओं के चलने से तापमान में लगातार बढ़ोतरी हुई। शनिवार को अधिकतम तापमान भी 35 से 40 डिग्री सेल्सियस तक रहा। इसी बीच अंतिम सप्ताह में तीन दिन तक लू चलने से चेहरा झुलसाने वाली गर्मी पड़ने लगी। अधिकतम तापमान भी 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। हालांकि, पिछले चार दिन से सुबह और शाम हवा में नमी बढ़ने और बादलों की आवाजाही ने गर्मी से लोगों को राहत दी। तापमान भी कम होकर 40 के नीचे आ गया।
मौसम विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो इस साल अप्रैल महीने का अधिकतम तापमान 44.2 रहा। पिछले पांच साल से अप्रैल महीने का तापमान भी 40 डिग्री सेल्सियस के पार रहा। इस महीने में पिछले कुछ सालों में 45 डिग्री सेल्सियस तक तापमान रिकाॅर्ड किया गया है, लेकिन पिछले पांच साल में केवल दूसरी बार 44 के पार पहुंच गया।