प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र बनारस में जाम की समस्या से छुटकारा पाने के लिए 154 रुपए खर्च किए जाएंगे। जाम से जूझ रहे ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने व रोड जंक्शन की जिम्मेदारी देश की नामी कंपनी शापूरजी-पालोनजी को दिया गया है।
कमिश्नर की अध्यक्षता में हुई स्मार्ट सिटी की बैठक में इस नाम को फाइनल कर दिया गया। अब यह कंपनी 15 जनवरी से महज सात महीने में बनारस के चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल लगवाने और उसका आटोमेटिक संचालन करेगी।
नगर निगम के सामने बने शहीद उद्यान में कंपनी सिटी के ट्रैफिक व्यवस्था को संचालित करने के लिए कंट्रोल रूम बनाएगी। इसके लिए अनुमति दे दी गई है। स्मार्ट सिटी कंपनी के सीईओ व नगर आयुक्त डॉ. नितिन बंसल ने बताया कि क्वालिटी कम कास्ट बेस्ड फार्मूले पर कंपनियों का चयन किया गया है।
इसमें टाटा ग्रुप और शापूरजी-पालोनजी ने टेंडर कोटेशन डाला था। रेट कम होने के चलते शापूरजी का चयन किया गया। 154 करोड़ में कंपनी काम को धरातल पर उतारेगी।