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नवंबर में शुरू होगा वाराणसी से हल्दिया के बीच जल परिवहन 

Sun, 01 Jul 2018 01:29 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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मालवाहक जलपोत - फोटो : अमर उजाला
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गंगा में वाराणसी से हल्दिया के बीच जल परिवहन नवंबर में शुरू हो जाएगा। आईडब्ल्यूएआई (इनलैंड वाटरवेज अथारिटी ऑफ इंडिया), राल्हूपुर स्थित मल्टी मॉडल टर्मिनल पर जुलाई से लोडिंग, अनलोडिंग व विदेश से आए दो क्रेनों की टेस्टिंग भी शुरू करेगा।
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वहीं उद्घाटन के दिन ही फ्रेट विलेज का शिलान्यास कराने की योजना भी बनाई जा रही है। इसके लिए भूमि अधिग्रहण करने का कार्य शुरू हो गया है।

वाराणसी से हल्दिया के बीच 1620 किलोमीटर तक गंगा में जल परिवहन के लिए आधारभूत ढांचा विकसित किया जा रहा है। जगह-जगह बन रहे मल्टी मॉडल टर्मिनल का काम अंतिम चरण में है। वाराणसी में मल्टी मॉडल टर्मिनल का काम भी जल्द पूरा हो जाएगा।

आधिकारिक सूत्रों की मानें तो सात नवंबर को इसके लोकार्पण की तैयारियां भी शुरू हो गई हैं। 100 एकड़ में बनने वाले फ्रेट विलेज की आधारशिला भी उसी दिन रखी जाएगी।
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गंगा में वाराणसी से हल्दिया के बीच चल रहे प्रोजेक्ट के योजना प्रबंधक प्रवीर पांडेय ने बताया कि जल परिवहन प्रोजेक्ट की प्रगति से वर्ल्ड बैंक भी बहुत खुश है।

उनकी टीम ने योजना का सर्वे करने के बाद सकारात्मक रिपोर्ट लगाई। इस आधार पर 5369 करोड़ रुपये स्वीकृत कर दिए गए हैं। हम निर्धारित समय से पहले इस योजना को पूर्ण कर लेंगे। यह प्रोजेक्ट विकास और रोजगार दोनों क्षेत्र में बूम लाएगा।
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निजी कंपनी को दिया जायेगा टर्मिनल

वाराणसी, पटना सहित अन्य स्थानों पर तैयार हो रहे मल्टी मॉडल टर्मिनल के संचालन की जिम्मेदारी 30 सालों के लिए निजी कंपनी को दिया जाएगा। टर्मिनल को चलाने में अडानी, अंबानी ही नहीं कई विदेशी बड़ी कंपनियों ने रुचि दिखाई है।

मुनाफे में शेयर के साथ ही कार्गो रॉयलिटी में सरकार हिस्सा लेगी। मेंटनेंस की जिम्मेदारी भी निजी कंपनी की होगी। टर्मिनल उद्घाटन के दिन निजी कंपनी को जिम्मेदारी भी सौंप दी जाएगी।

टर्मिनल से नेशनल हाईवे को जोड़ने के लिए एफकॉन कपंनी आठ करोड़ की लागत से सड़क बना रही है। साढ़े छह सौ मीटर लंबे इस संपर्क मार्ग में एक छोटा सा पुल भी शामिल है। तीन महीने में यह कार्य पूरा कर लिया जाएगा। वहीं सड़क बनने के साथ ही बिजली के खंभे गड़ जाएंगे और टर्मिनल का उपकेंद्र इससे जुड़ जाएगा।

जल परिवहन से वाराणसी, गाज़ीपुर, बलिया, बक्सर, छपरा, वैशाली, पटना, बेगूसराय, खगरिया, मुंगेर, भागलपुर, साहिबगंज, मुरहिदाबाद, पाकुर, हुगली, कोलकाता जिले जुड़ेंगे।

वहीं परिवहन का यह विकल्प पर्यावरण के अनुकूल और लागत में कमी लाएगा। परियोजना, देश में महंगाई पर नियंत्रण करने में सहयोगी बनेगी। साथ ही जल परिवहन विकास, जलपोत निर्माण व संचालन से 46,000 प्रत्यक्ष और 84000 अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना जताई गई है।
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फ्रेट विलेज के लिए जमीन का अधिग्रहण शुरू

रामनगर में निर्माणाधीन टर्मिनल - फोटो : file photo
वाराणसी में बन रहे एशिया के पहले फ्रेट विलेज का सपना आकार लेने लगा है, विकास योजना के लिए जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू हो गई। चंदौली के ताहिरपुर में लगभग 35 एकड़ जमीन के अधिग्रहण को लेकर शनिवार को मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल की अध्यक्षता में बैठक हुई और डीएम वाराणसी और डीएम चंदौली की मौजूदगी में जमीन देने पर सहमति बनी।

आईडब्ल्यूएआई सोमवार-मंगलवार तक 40 करोड़ 42 लाख रुपये सरकारी खजाने में जमा कर देगा और इस योजना के लिए जमीन मिल जाएगी। उधर मिल्कीपुर में लगभग 30 एकड़ जमीन की अधिग्रहण प्रक्रिया भी अंतिम चरण में है।

जुलाई के अंत तक यह जमीन भी फ्रेट विलेज के लिए मिलने की उम्मीद है। इसी गांव के करीब 40 एकड़ बंजर जमीन है जो मिर्जापुर जिले में पड़ती है। इस भूमि के मिलने की भी उम्मीद आईडब्ल्यूएआई को है।

फ्रेट विलेज और लॉजिस्टिक हब प्रोजेक्ट के उप योजना प्रबंधक समीर शुक्ला ने बताया कि फ्रेट विलेज के लिए जरूरी 100 एकड़ भूमि के लिए अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू हो गई है। प्रशासन का पूरा सहयोग मिल रहा है। सोम-मंगल तक आवश्यक भूमि का बड़ा हिस्सा मिल जाएगा। 
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