भेलूपुर स्थित जलकल कार्यालय में वार्ड नंबर-21 तरना वार्ड के भाजपा पार्षद रोहित मिश्रा और और जलकल सचिव ओपी सिंह के बीच हैंड पंप की लिस्ट लेने को लेकर बसह हो गई। जिसके बाद बहस का वीडियो तेज़ी से सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा है।
पार्षद रोहित मिश्रा अपने क्षेत्र में लग रहे हैंड पंप की लिस्ट लेने जलकल महाप्रबंधक के आफिस पहुंचे थे, वहां पहले से जलकल के महासचिव ओपी सिंह भी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि हम लिस्ट ऐसे नहीं देंगे। जिसपर पार्षद और सचिव के बीच बहस शुरू हो गई।
इस दौरान महाप्रबंधक ने हस्तक्षेप करते हुए लिस्ट देनी की बात कही। उस पर सचिव जलकल महाप्रबंधक पर भी भड़क गए और लिखित आदेश देनी की बात करने लगे।
पार्षद रोहित मिश्रा का आरोप है कि पिछले कई दिनों से हमारे क्षेत्र में हैंडपंप लगाए जा रहा है। जिसकी सूची मांगने हम जलकल विभाग गए थे। वहां जलकल के महासचिव ओपी सिंह ने लिस्ट देने से मना कर दिया। वहां मौजूद महाप्रबंधक के कहने के बाद भी वह लिस्ट देने को तैयार नहीं हुए और लिखित आदेश मांगने लगे। लगातार विकास कार्य में अधिकारी लापरवाही कर रहे हैं और विपक्ष सरकार के कार्यों पर उंगली उठा रही हैं।
सचिव का तबादला हो गया है लेकिन अभी भी वह यहां कार्य कर रहे हैं। हम मांग करते हैं कि इन्हे यहां से तत्काल रवाना किया जाए। साथ ही आरोप लगाया कि जहां सपा के पार्षद हैं वहां धड़ल्ले से काम हो रहा हैं। लेकिन जहाँ हमारा वार्ड है वहाँ कुछ नही हो रहा है।
नगर आयुक्त को मिला सम्मान
वाराणसी के नगर आयुक्त अक्षत वर्मा को पीएम स्वनिधि योजनांतर्गत स्वनिधि से समृद्ध योजना में उत्कृष्ट कार्य करने हेतु पुरस्कृत हुए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र को सजाने संवारने की जिम्मेदारी कई विभागों की है, लेकिन निगम ने अपनी उत्कृष्ट भूमिका निभाई है।
अवैध वसूली में नगर निगम के लिपिक और परिचारक निलंबित
अवैध वसूली मामले में नगर आयुक्त अक्षत वर्मा ने नगर निगम के दो कर्मचारियों लिपिक बृजेश कुमार गौतम और परिचारक विनोद सिंह को निलंबित कर दिया है। साथ ही इस मामले की जांच के लिए जांच अधिकारी नामित कर दिया है। जांच अधिकारी से 15 दिन के भीतर रिपोर्ट मांगी है।
मुख्य कर निर्धारण अधिकारी कार्यालय में कार्यरत लिपिक बृजेश कुमार गौतम की शिकायत मेयर अशोक कुमार तिवारी से की गई थी। चौक के एक व्यक्ति ने मेयर से शिकायत की कि उनके घर जाकर भवन का वार्षिक मूल्यांकन कम करने के एवज में एक लाख रुपये की मांग की थी।
मेयर ने इस मामले में नगर आयुक्त को कार्रवाई का निर्देश दिया था। जांच में आरोप सही मिलने पर नगर आयुक्त ने उन्हें निलंबित किया है। उधर राजस्व विभाग की जांच में पाया गया कि ड्यूटी लगाने के बाद जालान पार्किंग स्टैंड कचहरी से विनोद सिंह गैरहाजिर रहे। यहां तीन आदमी पर्ची काटते मिले। उच्चाधिकारियों के आदेश की अवहेलना करने पर इन्हें निलंबित किया गया।
बीएचयू में प्रो.ओमशंकर ही रहेंगे हृदय रोग विभाग में अध्यक्ष
आईएमएस बीएचयू के हृदय रोग विभाग में प्रो.ओमशंकर की जगह प्रो. विकास अग्रवाल को अध्यक्ष बनाने के फैसले को बीएचयू प्रशासन को आखिर वापस लेना पड़ा। पौने दो माह बाद(55 दिन बाद) 18 जुलाई को बीएचयू प्रशासन ने इसका आदेश भी जारी कर दिया। इसमें कहा गया है कि विभाग में प्रो. ओमशंकर ही अध्यक्ष रहेंगे।
संत समिति ने ओवैसी को घेरा, योगी सरकार के फैसले का किया स्वागत
काशी में इस बार सावन महीने के दौरान खाने वाली दुकान या ठेलों के मालिक अपना नाम लिखवाएंगे। यूपी सरकार ने कुछ दिन पहले ये आदेश जारी किया था। वहीं, अखिल भारतीय संत समिति ने इस आदेश का स्वागत करते हुए योगी सरकार के निर्णय को सही बताया है।
संत समिति के राष्ट्रीय महामंत्री स्वामी जीतेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि सावन में हर कोई अपने दुकान के आगे अपना नाम लिखे, यह अनिवार्य किया जाना चाहिए। वहीं, एआईएमआईएम के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि आप हलाल समान बेचते थे तो हपने कभी भी कोई प्रश्न नहीं उठाया, तो अब यह नाराजगी क्यों?