औद्योगिक इकाइयों को मिलेगा लाभ
रामनगर औद्योगिक क्षेत्र फेज-एक और दो है। बबुरी के चंदाइत में भी पीपीपी माॅडल पर औद्योगिक पार्क बसाया जा रहा है। रामनगर एक बड़ा औद्योगिक क्षेत्र है। ऐसे में रामनगर बंदरगाह, डीएफसी लाइन का जुड़ाव होने से इन औद्योगिक क्षेत्रों के उद्यमियों के कंटेनर समेत अन्य माल की आवाजाही आसान हाे सकेगी। उद्योग इकाइयों को समय से कच्चा माल मिलने से उन्हें भी राहत होगी।
गंगा का जलस्तर बना हुआ है चिंता का सबब
2018 में बने रामनगर बंदरगाह से माल की आवाजाही उतना नहीं हो सकी है, जितना अपेक्षा की गई थी। जलमार्ग-1 के बीच जगह-जगह कम पानी और ड्रेजिंग न होने से जलपोत फंस जाते हैं। हाइड्रोजन जलयान को ही कोलकाता से काशी पहुंचने में 20 दिन से अधिक लगे।
गाजीपुर में गंगा का जलस्तर कम होने से अक्सर जलपोत वहां फंसता है। जल परिवहन अधिकारियों का दावा है कि अगले तीन से चार माह के अंदर जलमार्ग-1 की ड्रेजिंग शुरू कराई जाएगी।