छह माह पूर्व लंका थाने के रमना चौकी पर छात्रा के भाई ने आरोपी के खिलाफ छेड़छाड़ की शिकायत की थी। इस बीच दोनों पक्ष में समझौता कराया गया था। दो सितंबर को गोपी ने छात्रा को फोन करके मिलने के लिए महाविद्यालय बुलाया और यही से दोनों साइकिल से माधोपुर पहुंचे। पुलिस की पूछताछ में गोपी ने बताया कि कि छात्रा ने बताया था कि परिजनों को शक हो गया।
तुम पुराने वाले नंबर पर फोन मत किया करो। मुझे दूसरा सिमकार्ड लाकर दे दो। पुलिस को गोपी ने बताया कि इस बात पर मेरा शक और गहरा गया। छात्रा के साथ दुष्कर्म किया और फिर दुपट्टा से गला कस दिया था।
रोहनिया थाने में प्रकरण के बाबत सीओ सदर डॉ. चारू द्विवेदी ने बताया कि आरोपी गोपी 2016 में नाबालिग के साथ दुष्कर्म मामले में जेल जा चुका था। छात्रा की हत्या में गोपी का नाम आने पर पुलिस ने उस पर 25 हजार का इनाम घोषित किया था। अब उस पर रासुका लगाने की तैयारी की जा रही है।
रोहनिया पुलिस के खुलासे पर परिजनों ने सवाल खड़ा किया। कहा कि हमारी बेटी कराटे अच्छी तरह से जानती थी। अकेला युवक उसके साथ कुछ नहीं कर सकता था। इस घटना में अन्य लोग भी शामिल होंगे। इसकी जांच की जाए। इस पर सीओ सदर ने परिजनों को आश्वस्त किया कि आरोपी ने खुद स्वीकारा कि अकेले ही घटना को अंजाम दिया और युवती उसके विश्वास में थी।