किसी बस का इंजन खराब है तो उसके टायर को दूसरी बसों में लगाया जा रहा है। किसी बस का गियर बाक्स व ब्रेक शू दूसरे बसों में लगाया जा रहा है। कार्यशाला के कर्मचारियों ने बताया कि पार्ट्स उपलब्ध कराने वाले ठेकेदारों का भी पैसा समय पर नहीं मिल रहा है तो बसों के पार्ट्स देर से मिल रहे हैं। इस कारण अधिकतर बसें तो कार्यशाला में ही खड़ी रह जा रही हैं। कर्मचारियों ने बताया कि इस समय जोर है कि किसी तरह बसों को सड़क पर चलने लायक बनाया जाए। जैसा आदेश मिलता वैसा किया जा रहा है।
वाराणसी परिक्षेत्र के आरएम एसके राय ने बताया कि कलपुर्जों की कोई कमी नहीं है। कार्यशाला में सामान उपलब्ध है, जरूरत पड़ने पर एक दूसरी बसों का पार्ट्स उपयोग में लिया जाता है।