वाराणसी जिले के बाबतपुर ओवरब्रिज पर फाइनेंस कंपनी के रिकवरी एजेंट की गोली मारकर हत्या के बाद से ही उसके घर पर रिश्तेदारों व शुभचिंतकों का तांता लगा है। वीर बहादुर सिंह की हत्या को लेकर जहां लोगों में आरोपियों के लिए गुस्सा भरा है वहीं वीर बहादुर की मौत से परिवार बिखरने को लेकर सभी चिंतित हैं। उधर, वीर बहादुर की बेटी के हाथ पीले करने का उनका सपना अधूरा रह गया।
पलहीपट्टी स्थित वीर बहादुर के घर पर मातम पसरा है। परिजनों ने बताया कि वीर बहादुर बाबतपुर निवासी वीरू सिंह की देखरेख में रिकवरी एजेंट का काम करता था। दो बेटियों और एक बेटे के पिता वीर बहादुर की बड़ी बेटी की शादी हो चुकी थी। इन दिनों वह छोटी बेटी की शादी के लिए लड़का खोज रहा था। वहीं, उनकी पत्नी सुमन की हालत बेसुधों जैसी हो गई है। परिवार की महिलाएं बड़ी मुश्किल से सुमन को संभाल रहीं। पोस्टमार्टम के बाद वीर बहादुर के शव की अंत्येष्टि मणिकर्णिका घाट पर की गई।
पुलिस के हिरासत में गोली मारने वाला आरोपी
हत्या करने वाले कार सवार आरोपी को पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने प्रयागराज जिले से पकड़ लिया है। रिकवरी एजेंट ने ओवरब्रिज पर जिस कार को रुकवाया था, आरोपी उसके मालिक के परिवार का अहम सदस्य है। पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने बताया कि फाइनेंस की किश्त जमा न होने पर रिकवरी एजेंट उसकी कार को खड़ा कराने की बात कह रहा था। इस पर उसने अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर निकाल कर उसे डराने का प्रयास किया। रिकवरी एजेंट रिवॉल्वर की छीनाझपटी करने लगा तो गोली कब चल गई, इसका उसे पता नहीं लगा।