प्राथमिक विद्यालय नरउर
कहने को तो इस विद्यालय के बच्चों के साथ प्रधानमंत्री अपना जन्मदिन मना चुके हैं, लेकिन आज प्राथमिक विद्यालय नरउर में पढ़ने वाले बच्चे सुविधाओं के अभाव में पढ़ाई कर रहे हैं। नामांकित 120 बच्चों में मंगलवार को 80 बच्चे स्कूल आए थे। कक्षा दो के कमरे में बच्चों के लिए डेस्क-बेंच तो थे, लेकिन कक्षा एक के बच्चे दरी और टाट पर बैठकर पढ़ाई कर रहे थे। विद्यालय के ज्यादातर बच्चे बिना यूनिफार्म और बैग के ही स्कूल आए थे। विद्यालयों की साफ-सफाई के लिए पिछले चार महीने से ग्राम सभा में कोई सफाई कर्मी नहीं है।
प्राथमिक विद्यालय मंडुवाडीह
प्राथमिक विद्यालय मंडुवाडीह के 220 नामांकित बच्चों में 148 स्कूल आए थे। जबकि 50 बच्चे अब तक इस सत्र में प्रवेश करा चुके हैं। विद्यालय में बच्चों के बैठने के लिए डेस्क-बेंच तो लगे थे। लेकिन आधे बच्चे यूनिफार्म तो आधे घर के कपड़ों में ही विद्यालय पढ़ने आ गए थे। कक्षा एक में छह बच्चे आए तो थे, लेकिन किसी के पास न तो बैग था, न जूता मोजा और न ही यूनिफार्म।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राकेश सिंह बताया कि शासन की ओर से ड्रेस और जूते और मोजे के लिए कोई दिशानिर्देश नहीं आए हैं। किताबों की खरीदारी की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। जल्द ही प्राथमिक विद्यालयों की सभी पुस्तकें उपलब्ध करा दी जाएंगी।