उन्होंने कहा कि जिस तरह से वाराणसी और उत्तर प्रदेश में हॉकी का विकास हो रहा है, निश्चय ही अगले कुछ दिनों में यहां से और अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी निकलेंगे। पिता सतीश उपाध्याय ने कहा कि अच्छा लगता है जब लोग मुझे मेरे बेटे के नाम से पहचानते हैं। अब तो यही सपना है कि अगले ओलंपिक में भारतीय टीम गोल्ड जीतकर आए।